छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व से जुड़ी अधिसूचनाएं रद्द, उपखंड अधिकारियों को मिले नए अधिकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में पहले जारी की गई सभी भू-राजस्व अधिसूचनाएं अब रद्द कर दी गई हैं। यह कदम 1 जनवरी 2024 से लागू अधिसूचनाओं को निरस्त कर उनके स्थान पर नए अधिकार तय करने के लिए उठाया गया है।
नई अधिसूचना के मुताबिक, अब उपखंड अधिकारियों (SDM) को कुछ मामलों में कलेक्टर के समान अधिकार मिलेंगे। हालांकि ये अधिकार उन्हीं सीमाओं में लागू होंगे जो उन्हें कलेक्टर द्वारा दी जाएंगी।
नगरीय क्षेत्रों में अधिकारों का नया निर्धारण:
शहरों की जमीन से जुड़े मामलों में उपखंड अधिकारी के अधिकार अब संयुक्त कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर के पास होंगे, जो नजूल अधिकारी के रूप में काम करेंगे। उनके आदेशों के खिलाफ अपील कलेक्टर के पास की जा सकेगी।
अन्य अधिकारियों को भी अधिकार:
तहसीलदारों को उनके निर्धारित क्षेत्र में अधिकार दिए गए हैं।
ऐसे स्थायी नायब तहसीलदार, जो सीधे भर्ती होकर नियुक्त हुए हैं, 2 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं और विभागीय परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें भी अधिकार मिलेंगे।
पदोन्नति से नियुक्त नायब तहसीलदार, जिन्होंने 2 साल की सेवा पूरी कर ली है, वे भी अधिकार पाएंगे।
भू-अभिलेख विभाग के अधीक्षक और सहायक अधीक्षक, जिन्हें कलेक्टर द्वारा क्षेत्राधिकार सौंपा गया हो, वे भी तहसीलदार या नायब तहसीलदार का कार्य कर सकेंगे।
इस निर्णय से प्रशासनिक कार्यों में गति और पारदर्शिता आने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को भी लाभ होगा।





