NEET परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, लेकिन जनरेटर की गड़गड़ाहट ने छात्रों की एकाग्रता तोड़ी

बिलासपुर। इस बार NEET परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ आयोजित किया गया। प्रशासन ने नियमों का कड़ाई से पालन करवाया और पहली बार परीक्षा सिर्फ शासकीय स्कूल-कॉलेजों में कराई गई। परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले सेंटर बुलाया गया, तलाशी से लेकर समय प्रबंधन तक हर पहलू पर कड़ी निगरानी रखी गई।

लेकिन, इतनी तैयारियों के बावजूद एक छोटी सी लापरवाही ने छात्रों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली की समस्या होने के कारण जनरेटर चलाए गए, जिनकी तेज आवाज परीक्षा के दौरान लगातार आती रही।

छात्रों ने बताया कि जब वे सवाल हल कर रहे थे, तभी जनरेटर की गड़गड़ाहट ने उनकी एकाग्रता तोड़ दी। कुछ ने कहा कि पेपर आसान था, लेकिन ध्यान नहीं लगा पाए।

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ-साथ शांत माहौल भी बेहद जरूरी है। सिर्फ कड़े नियमों से निष्पक्षता तय नहीं होती, बल्कि व्यवस्था की छोटी चूक भी बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है।

अब सवाल यह है — क्या अगली बार इस तरह की तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी होगी? क्योंकि मेहनत तो छात्रों की होती है, लेकिन गलती व्यवस्था की भारी पड़ जाती है।

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