Railway News: बिलासपुर मंडल की पटरियों को मिला अल्ट्रासोनिक सुरक्षा कवच

Railway News: बिलासपुर। रेल संरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में बिलासपुर मंडल ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मंडल में रेल पटरियों की आंतरिक स्थिति की जांच के लिए अब अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए पटरियों में समय के साथ उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म दोषों की समय रहते पहचान कर उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है।
मंडल के अंतर्गत आने वाले लगभग 2217 किलोमीटर ट्रैक की नियमित रूप से जाँच की जा रही है, जिसकी आवृत्ति ट्रेनों की आवाजाही पर निर्भर करती है। इस कार्य के लिए 11 विशेष USFD टीमों का गठन किया गया है, जिनमें कुल 23 प्रशिक्षित इंजीनियर कार्यरत हैं। ये इंजीनियर अत्याधुनिक बी-स्कैन USFD मशीनों और डिजिटल वेल्ड टेस्टर से लैस हैं, जो ट्रैक और वेल्डिंग की बारीकियों को डिजिटल रूप से स्कैन करते हैं।
रेलवे सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह ने बताया कि, ट्रक का मेंटनेंस रेगुलर चलता है। साल 2024-25 के दौरान मंडल ने संरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। 10,803 किलोमीटर ट्रैक 62,278 वेल्ड , 7,500 टर्नआउट और 7,368 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स की सफलतापूर्वक जांच की गई। इस दौरान 283 आंतरिक दोष चिन्हित किए गए, जिन्हें तत्काल दुरुस्त कर ट्रेनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया गया। संरक्षा में निरंतर सुधार के लिए इंजीनियरों को आरडीएसओ लखनऊ एवं इरिसेन पुणे में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे वे नवीनतम तकनीकी मानकों के अनुरूप काम कर संरक्षा के उच्चतम मानकों को प्राप्त कर सकें।





