गोंदिया-बल्लारशाह डबल रेल लाइन परियोजना को मिली रफ्तार, बढ़ेगी कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास

बिलासपुर:दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया से बल्लारशाह तक डबल रेल लाइन परियोजना को अब तेजी मिल रही है। शुक्रवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस परियोजना की जानकारी साझा की। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा को बेहतर नहीं बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।
परियोजना के अंतर्गत 240 किमी लंबी डबल रेल लाइन, 36 बड़े पुल और 338 छोटे पुल
इस डबल रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 240 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 4819 करोड़ रुपये है। इसमें मौजूदा 19 स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 29 की जाएगी। साथ ही 36 बड़े पुल, 338 छोटे पुल और लगभग 67 अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी, जो नागझिरा अभयारण्य और नवागांव राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से होकर गुजरेगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे को होगी CO₂ की बड़ी बचत, पर्यावरण को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के पूर्ण होने से रेलवे को हर साल लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की बचत होगी, जो पर्यावरण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह बचत लगभग 2.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर मानी जाती है।
महाराष्ट्र को रेल बजट में 20 गुना ज्यादा फंड, स्टेशन रीडेवलपमेंट और बुलेट ट्रेन पर जोर
रेल मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र को इस साल 23,778 करोड़ रुपये का रेल बजट मिला है, जो पिछली यूपीए सरकार के समय से 20 गुना ज्यादा है। राज्य में बुलेट ट्रेन, फ्रेट कॉरिडोर और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। देश के 1300 स्टेशनों के रिमॉडलिंग में से 132 स्टेशन महाराष्ट्र में हैं। साथ ही, गढ़चिरौली तक नई रेल लाइन का काम भी शुरू हो चुका है। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।





