जोरो- शोरों से चल रही रामलला के जन्मोत्सव की तैयारियां, 25 से 30 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे अयोध्या

अयोध्या। वर्षों के इंतजार के बाद जब रामलला अपने भव्य और दिव्य महल में विराजमान हो चुके हैं, तो ऐसे में देश दुनिया के लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंच कर अपने आराध्य की झलक पाने और उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं। ऐसे में मौका और भी खास हो जाता है जब रामलला का जन्मोत्सव हो, इसीलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष जन्मोत्सव के दौरान 25 से 30 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। इसीलिए अयोध्या प्रशासन भी भक्तों की स्वागत के लिए तैयार है और उनको हर तरह की सुविधा देने के लिए तैयारियां पूरी कर रखी है। चाहे वह नगर निगम हो संस्कृत विभाग हो, स्वास्थ्य विभाग हो या फिर पर्यटन विभाग सभी अपने-अपने तरह से भक्तों के स्वागत में तैयार हैं और उनके मनोरंजन के लिए भी बेहतर व्यवस्थाएं की गई है।
किसी भी नगर की सुंदरता उसकी साफ सफाई और साज सज्जा से दिखाई पड़ती है। इसीलिए नगर निगम अयोध्या की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है। नगर निगम की तरफ से श्रद्धालुओं के पेयजल की जगह जगह व्यवस्था की गई है, जिससे अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पानी की कमी ना हो। वहीं दूसरी तरफ साफ सफाई के लिए 24 घंटे 3 शिफ्टों में सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं, इसके साथ ही साफ सफाई के लिए हाईटेक मशीन भी लगाई गई है, जो रामनगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखेंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को छाया प्रदान करने के लिए शेड लगाए जा रहे हैं और चिलचिलाती धूप में भक्तों के पैरों को आराम देने के लिए मेटिंग भी बिछाई जा रही है। इन सब के साथ ही साथ नगर निगम की तरफ से भक्तों के विश्राम के लिए भी जगह-जगह आश्रय गृह भी बनाए गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ कुंभ में अचानक आई भीड़ को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी मास्टर प्लान बनाया है। भीड़ के दबाव को कम करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है, वहीं दूसरी तरफ यदि भीड़ ज्यादा बढ़ती है तो प्रवेश द्वार और निकाल द्वारा अलग-अलग बनाए जाएंगे। श्रद्धालु बिरला धर्मशाला के सामने जन्मभूमि पथ से मंदिर में प्रवेश करेंगे और निकास के लिए गेट नंबर 3 का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही साथ अयोध्या प्रशासन की तरफ से रामनवमी के दिन यानी 6 अप्रैल को वीआईपी मूवमेंट को भी सीमित किया गया है। जिसके चलते अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह से असुविधा न हो और सुगमता से रामलला का दर्शन हो सके।
भीड़भाड़ वाली पर्व पर स्वास्थ्य विभाग की भी अहम भूमिका होती है, इसीलिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी विशेष व्यवस्थाएं की गई है। मेले के दौरान अस्थाई और अस्थाई चिकित्सालय की व्यवस्था की गई है, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तीन स्थाई चिकित्सालय और 14 अस्थाई चिकित्सालय मेले के लिए आरक्षित किए गए। इसके साथ ही साथ जिला अस्पताल, श्री राम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त वार्ड भी आरक्षित किए गए। इसके साथ ही साथ मेले में पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है जिस किसी भी विषम परिस्थिति में निपटा जा सके।





