अबूझमाड़ के बच्चों का शैक्षणिक भ्रमण, बाहरी दुनिया से जुड़ने का मौका

नारायणपुर। अबूझमाड़ क्षेत्र के भूमकाल छात्रावास रेकावाया के बच्चों को जिला प्रशासन की पहल पर दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के मार्गदर्शन में इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाहरी दुनिया से परिचित कराना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना था, ताकि वे आगे की पढ़ाई अच्छे से कर सकें।
शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
जिला प्रशासन की इस सकारात्मक सोच के तहत बच्चों को बाहरी दुनिया को नजदीक से देखने और समझने का मौका दिया गया। इससे न सिर्फ उनकी मानसिकता में बदलाव आएगा बल्कि वे सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से भी मजबूत बन सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इन बच्चों को देखकर गांव के अन्य बच्चे भी स्कूल जाने के लिए प्रेरित होंगे।
दंतेवाड़ा और जगदलपुर का दौरा
रेकावाया आश्रम के बच्चों को सबसे पहले दंतेवाड़ा जिले के एजुकेशन हब जावंगा का भ्रमण कराया गया। इसके बाद दंतेश्वरी मंदिर, दिव्यांग बच्चों के लिए बने सक्षम स्कूल और अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल आस्था का दौरा किया गया। इन जगहों पर बच्चों को शिक्षा, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई।
दंतेवाड़ा के बाद बच्चों को जगदलपुर ले जाया गया, जहां उन्होंने ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर के दर्शन किए और राजमहल का भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों की मुलाकात बस्तर के राजा कोमलचंद भंजदेव से करवाई गई, जिन्होंने बस्तर की संस्कृति और राजतंत्र के बारे में रोचक जानकारियां साझा कीं।
इसके बाद बच्चों ने पुरातात्विक संग्रहालय (म्यूजियम) का अवलोकन किया और प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लिया। यात्रा के अंत में उन्हें आसना स्थित बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एंड लैंग्वेज ले जाया गया, जहां उन्होंने कला और संगीत से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इस भ्रमण से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा और वे नई चीजों को समझने के लिए उत्साहित नजर आए। जिला प्रशासन की यह पहल अबूझमाड़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।





