जज के घर में मिली जली हुई नकदी पर अखिलेश यादव का तंज

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर लगी आग के बाद मिली जली हुई नकदी के मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि जज साहब ने वह पैसा किसी से उधार लिया हो और वहां रखा हो। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जज साहब पर भ्रष्टाचार का सवाल नहीं उठ सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा, “हमने उत्तराखंड में कई सौ करोड़ रुपये जब्त होते देखे हैं, लेकिन आज तक यह पता नहीं चल पाया कि वह पैसा किसका है। हो सकता है कि जज साहब ने किसी से उधार लिया हो और उसे अपने घर में रखा हो।” जब पत्रकार उनकी इस टिप्पणी पर हंसने लगे तो उन्होंने कहा, “आप लोग हंस रहे हो… हो सकता है कल उन्होंने उधार लिया हो और वहां रखा हो। वीडियो में भगवा रंग का कपड़ा भी दिखाई दे रहा है, हो सकता है पैसा उसमें रखा गया हो। कई बार आग लग जाती है और उसकी वजह से ये सब हुआ होगा।”
बीजेपी पर निशाना और पैसा वापस करने की मांग
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तो कुछ ही पैसा पकड़ा गया है। उन्होंने कहा, “हमने और आपने कई सौ करोड़ रुपये पकड़े जाते देखे हैं, लेकिन आज तक उसका पता नहीं चला कि वह किसका था। हम तो बस चाहते हैं कि वह पैसा हमारा न हो। अगर वह पैसा हमारा है तो बीजेपी उसे हमें वापस कर दे।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब समाजवादी पार्टी के कारोबारियों का 25 करोड़ रुपये बताया गया था, तब बीजेपी ने कहा था कि यह पैसा समाजवादी पार्टी का है। अब वह पैसा वापस करने की मांग कर रहे हैं।
महाकुंभ को लेकर यूपी सरकार पर हमला
महाकुंभ आयोजन को लेकर अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में सरकार न तो मरने वाले या लापता श्रद्धालुओं को मुआवजा देना चाहती है और न ही उन्हें ढूंढना चाहती है। यह प्रचार किया गया था कि यह डिजिटल महाकुंभ है, लेकिन अगर ऐसा था तो ड्रोन और सीसीटीवी कहां गए?”
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि महाकुंभ का आयोजन सम्राट हर्षवर्द्धन द्वारा शुरू किया गया था, लेकिन सरकार ने उनका एक बार भी नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की मौत और लापता होने की सच्चाई छिपा रही है।





