खूंटाघाट जलाशय से पानी कराया जाएगा उपलब्ध,नहर किनारे बसे ग्रामों को होगा फायदा

बिलासपुर
मस्तूरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने बिलासपुर कलेक्टर के पास पहुंचकर नहर किनारे बसे गांवों में सूख रहे निस्तारी तालाबों को भरने की मांग की थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है कि खारंग जलाशय से पानी छोड़कर इन तालाबों को भरने की व्यवस्था की जाए। इसके परिणामस्वरूप, जल संसाधन विभाग शुक्रवार को ख़ुटाघाट नहर के बांयी और दांयी तट से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
ख़ुटाघाट नहर से पानी छोड़े जाने से बिलासपुर जिले के 107 ग्रामों के 211 तालाबों को निस्तारी पानी मिलेगा, जो इन ग्रामीणों के लिए राहत का कारण बनेगा। यह कदम ग्रामीणों की पानी की कमी की समस्या को हल करने में मदद करेगा और निस्तारी के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
जल संसाधन विभाग के दिशा-निर्देश
जल संसाधन विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि नहर के पानी का दुरुपयोग न हो। विभाग ने सभी स्थानीय अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि नहर से पानी छोड़े जाने के दौरान किसी भी प्रकार के अपव्यय को रोका जाए।
खारंग जलाशय से पानी की उपलब्धता
मौजूदा समय में खारंग जलाशय में लगभग 60 प्रतिशत पानी की उपलब्धता है, जिसे अब इन गांवों में वितरण के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे मस्तूरी और बिल्हा विकासखंड के गांवों को फायदा होगा। जलाशय से पानी छोड़े जाने से इन क्षेत्रों में जल संकट की समस्या कम होगी।
लोरमी में किसानों के लिए पानी की आपूर्ति
इसके अतिरिक्त, लोरमी क्षेत्र के किसानों ने भी पानी की आपूर्ति की मांग की थी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खुड़िया जलाशय से किसानों और ग्रामीणों को पानी प्रदान किया जाए।





