धमतरी में चमत्कार: महिला ने एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म, सभी का इलाज जारी

धमतरी। शहर के एक निजी अस्पताल में एक अनोखी और खुशी देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 30 वर्षीय महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है। यह मामला बस स्टैंड स्थित निजी अस्पताल का है, जहां डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक डिलीवरी करवाई।
सभी नवजात और मां स्वस्थ
इस डिलीवरी को अंजाम दिया स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि उपाध्याय ने। उनके साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप देवांगन, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष अग्रवाल और अन्य नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद थे। सबसे अच्छी बात यह है कि मां पूरी तरह से स्वस्थ है।
हालांकि, जन्म के समय चारों नवजात शिशु का वजन सामान्य से काफी कम था। उनकी स्थिति इस प्रकार थी:
पहला बच्चा: 1 किलो 500 ग्राम
दूसरा बच्चा: 1 किलो 300 ग्राम
तीसरा बच्चा: 1 किलो 100 ग्राम
चौथा बच्चा: 900 ग्राम
कम वजन के कारण चारों बच्चों को अस्पताल के स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती किया गया है। यहां सी-पैप मशीन में उन्हें रखा गया है, ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके।
डिलीवरी से पहले की स्थिति
परिजनों के मुताबिक, महिला की प्रेग्नेंसी के 5 महीने बाद पहली बार सोनोग्राफी करवाई गई। उस समय अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में गर्भ में 4 बच्चे दिखे। यह बात जानकर परिवार हैरान भी हुआ और खुश भी। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला की डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी।
डॉक्टरों का क्या कहना है?
डॉ. रोशन उपाध्याय ने बताया कि एक महिला का एक साथ 4 बच्चों को जन्म देना एक दुर्लभ घटना है। यह आमतौर पर प्राकृतिक रूप से नहीं होता है, बल्कि मेडिकल इंटरवेंशन, इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) या मल्टीपल प्रेगनेंसी जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है।
डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि चारों नवजात बच्चों का वजन काफी कम है, जिससे उनकी जान को खतरा है। इसलिए उन्हें तुरंत इलाज के लिए SNCU में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की पूरी टीम उनकी सेहत में सुधार लाने के लिए लगातार काम कर रही है।
इलाज जारी, परिजन आशावान
फिलहाल चारों नवजात बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय के साथ उनकी हालत में सुधार होने की उम्मीद है। परिजन भी अस्पताल के कर्मचारियों की देखरेख से संतुष्ट हैं और बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
यह घटना न केवल धमतरी के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक आश्चर्यजनक खबर बन गई है। सभी की नजरें अब उन मासूमों की सेहत पर टिकी हैं, जो अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।





