छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र 2025: राजस्व प्रकरणों पर हंगामा, भुईया पोर्टल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र 2025:छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को 1.49 लाख से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भुईया पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे भगवान भरोसे बताया और आरोप लगाया कि इसमें 35% डेटा गलत एंट्री किया गया है, जिससे किसानों को अपनी जमीन संबंधी मामलों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि राजस्व विभाग लोक सेवा गारंटी अधिनियम का पालन क्यों नहीं कर रहा और अब तक कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भुईया पोर्टल में सुधार की समयसीमा सात दिन तय होने के बावजूद त्रुटियां महीनों तक ठीक नहीं की जातीं।
विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायकों ने किसानों की समस्याओं को उठाया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार का अधिकार अब तहसीलदारों को भी दिया गया है और कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन अपनी जमीन की जानकारी देख सकता है। उन्होंने बताया कि लंबित राजस्व मामलों को निपटाने के लिए “राजस्व पखवाड़ा” आयोजित किया जाएगा, जिससे इन प्रकरणों को तेजी से सुलझाया जा सके। हालांकि, कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार पर किसानों की अपीलों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि अकलतरा में एक व्यक्ति ने तहसील कार्यालय के चक्कर लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सरकार को निर्देश दिया कि भुईया पोर्टल की खामियों को जल्द सुधारा जाए और लंबित राजस्व प्रकरणों को निपटाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए। इस पर राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार जल्द आवश्यक कदम उठाएगी और भुईया पोर्टल की त्रुटियों को दूर करने के लिए एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) से समन्वय किया जाएगा। विपक्ष ने सरकार से मांग की कि भुईया पोर्टल की समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।





