राजिम: छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक एवं धार्मिक केंद्र

इतिहास: राजिम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सुंदर प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। राजिम में महानदी (चितरुपाला), पेरी और सोनदूर नदियों का पवित्र संगम है, जिसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है। राजिम को छत्तीसगढ़ का “प्रयाग” भी कहा जाता है। हर साल देश भर से ऋषि-मुनि कुम्भ मेले में शामिल होने पहुंचते हैं, जो माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलता है।

पर्यटक आकर्षण स्थल

राजिम मंदिर
राजिम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ तीन नदियों का पवित्र संगम है, जिसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है।

राजिम की भ्रमण स्थलों की जानकारी

राजिम घूमने के लिए कई टूर पैकेज उपलब्ध हैं।

वहाँ कैसे पहुँचें

छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था, जिसका उल्लेख रामायण और महाभारत में मिलता है।

वायु मार्ग से:
राजिम के निकटतम हवाई अड्डे रायपुर है, जो राजिम से 45 किमी की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग से:
राजिम रेलवे स्टेशन – रायपुर-अभनपुर-राजिम संकीर्ण गेज मार्ग पर स्थित है।

सड़क मार्ग से:
राजिम रायपुर से 40 किमी की दूरी पर है, जहाँ बस और टैक्सी की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

01

02

03

04

05

06

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई