Unique case in Bilaspur: दफन करने के 7 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, परिजनों ने दुबारा किया अंतिम संस्कार

Unique case in Bilaspur (बिलासपुर) : बिलासपुर जीआरपी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक के शव को अंतिम संस्कार के सात दिन बाद कब्र से निकालकर परिजनों को सौंपा गया, ताकि वे विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर सकें। मृतक की पहचान मनीष कोसले निवासी तोरवा के रूप में हुई, जिसकी 7 फरवरी को तारबाहर फाटक पर ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद, पहचान न होने के कारण जीआरपी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और तोरवा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया।

जीआरपी पुलिस ने मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की थी, जिस पर अचानक मनीष के परिजनों की नजर पड़ी। तस्वीर देखते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और खुद से अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई।मृतक के परिवार वालों की भावनाओं को देखते हुए जीआरपी पुलिस ने उच्चाधिकारियों से अनुमति ली और तोरवा मुक्तिधाम स्थित श्मशान घाट से कब्र खोदकर मनीष के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया।

यह अनोखा मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस प्रशासन के इस फैसले को लेकर लोगों में हैरानी भी है और सहानुभूति भी। आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता कि किसी शव को दफनाने के बाद दोबारा निकाला जाए, लेकिन मृतक के परिजनों की अंतिम इच्छा के आगे प्रशासन को भी झुकना पड़ा।मनीष कोसले महज 19 साल का था और बताया जा रहा है कि वह पूर्व में भी कई बार घर से भाग चुका था। परिजनों के अनुसार, वह किसी बात को लेकर काफी परेशान रहता था और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला गया था। संभवतः इसी कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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