अस्थि विसर्जन में कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर भाजपा का हमला

नई दिल्ली:डॉ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। दरअसल मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। इसके बाद से ही यह आलोचना का विषय बन गया। कड़ी आलोचना के बाद कांग्रेस ने सफाई दी। पार्टी ने कहा कि उनकी निजता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है।

निजता का रखा गया ध्यान

भाजपा की आलोचना के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि निजता का सम्मान करते हुए अस्थि विसर्जन में परिवार के साथ नहीं गए। पवन खेड़ा ने आगे कहा कि हमारे प्रिय दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार के बाद सोनिया और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनके आवास पर परिवार से मुलाकात की।

क्या बोले पवन खेड़ा?

कांग्रेस नेता ने कहा कि परिवार को दाह संस्कार के समय कोई गोपनीयता नहीं मिली थी। परिवार के कुछ सदस्य चिता स्थल पर नहीं पहुंच सके थे। यही वजह थी कि परिवार को फूल चुनने और अस्थि विसर्जन में गोपनीयता देना उचित होगा। यह करीबी परिवार के सदस्यों के लिए भावनात्मक रूप से दर्दनाक और कठिन रस्म है।

यहां किया गया अंतिम संस्कार

सिख रीति-रिवाज के साथ पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अस्थियों को परिवार ने मजनू का टीला गुरुद्वारा के पास यमुना नदी में विसर्जित किया। इस दौरान मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और उनकी तीन बेटियां उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

26 दिसंबर की रात पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नई दिल्ली स्थित एम्स में 92 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। 1990 के दशक में आर्थिक उदारीकरण के नायक मनमोहन सिंह का शनिवार को निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

 

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button