बदहाल व्यवस्था : मोपका पशु आश्रय केंद्र की बदहाली पर फूटा गौ सेवकों का गुस्सा, गायों की देखभाल पर उठे सवाल
चारा, पानी और इलाज के अभाव का आरोप, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग तेज

मोपका स्थित नगर निगम के पशु आश्रय केंद्र (बदहाल व्यवस्था) की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर गौ सेवकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गौ सेवकों का आरोप है कि आश्रय केंद्र में रखी गई गायों की हालत चिंताजनक है। उनके लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और समय पर उपचार की व्यवस्था नहीं होने से मवेशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य से इस आश्रय केंद्र का निर्माण किया गया था, वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं (बदहाल व्यवस्था)
गौ सेवकों ने आश्रय केंद्र का निरीक्षण करने के बाद वहां की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई गायें कमजोर और बीमार हालत में हैं, लेकिन उनके उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। चारे और पानी की भी पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मवेशियों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
गौ सेवकों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पशु आश्रय केंद्र में तत्काल पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, नियमित चिकित्सा सुविधा और बेहतर देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गायों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।





