कलेक्टर निरीक्षण : -बिलासपुर तहसील में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लंबित मामलों की हुई समीक्षा
राजस्व प्रकरणों के जल्द निराकरण के निर्देश, लापरवाही पर रहेगी सख्त नजर

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को बिलासपुर तहसील (कलेक्टर निरीक्षण) का औचक निरीक्षण कर राजस्व मामलों के निपटारे की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों की फाइलें देखीं, तहसीलदारों से जवाब-तलब किया और मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ कहा कि आम नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए सभी अधिकारी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर का यह औचक निरीक्षण (कलेक्टर निरीक्षण)
शुक्रवार को बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बिलासपुर तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व प्रकरणों की फाइलें खुद देखीं और प्रत्येक तहसीलदार के कक्ष में पहुंचकर लंबित मामलों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति और निराकरण की प्रगति की जानकारी ली।बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों के निपटारे में देरी और दलालों की सक्रियता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर ने बिना पूर्व सूचना के तहसील पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर और सकरी तहसील में भूमि संबंधी मामलों की संख्या अधिक होने के कारण इनके निराकरण में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। इसके बावजूद प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है और हाल के दिनों में 40 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। साथ ही राजस्व शिविरों के माध्यम से भी लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम और तहसील अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय विभागों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बिलासपुर तहसील को पुराने आयुक्त कार्यालय भवन में स्थानांतरित किए जाने के संबंध में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए भवन में शिफ्टिंग को लेकर कोई औपचारिक प्रस्ताव जारी नहीं हुआ है। जैसे ही शासन स्तर से निर्देश प्राप्त होंगे, नियमानुसार तहसील कार्यालय को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। कलेक्टर का यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





