अपोलो लापरवाही: अपोलो अस्पताल की कथित लापरवाही पर कांग्रेस का हल्ला बोल, 7 दिन का अल्टीमेटम
गंभीर मरीज को बिना डॉक्टर भेजने का आरोप, एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल

बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में हार्ट मरीज को एयरलिफ्ट करने के दौरान कथित लापरवाही का मामला (अपोलो लापरवाही) अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जवाब-तलब किया। कांग्रेस का आरोप है कि गंभीर मरीज को बिना डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बाहरी एंबुलेंस से एयरपोर्ट भेजा गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। मामले में अस्पताल प्रबंधन से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल (अपोलो लापरवाही)
बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती एक हार्ट मरीज को हैदराबाद एयरलिफ्ट करने के दौरान हुई कथित लापरवाही को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले पर प्रबंधन से जवाब मांगा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गंभीर मरीज को एयर एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए जिस एंबुलेंस का उपयोग किया गया, उसमें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही मरीज के साथ कोई डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ भी नहीं भेजा गया। रास्ते में मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोबारा अपोलो अस्पताल लाना पड़ा। बाद में हैदराबाद से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीज का उपचार किया, जिसके बाद उसे एयरलिफ्ट किया गया।
गंभीर मरीज को बिना डॉक्टर भेजने का आरोप
चर्चा के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीज की बेहतर चिकित्सा के लिए उसे हैदराबाद भेजने का निर्णय लिया गया था। वहीं कांग्रेस नेताओं का दावा है कि अस्पताल के पास मौजूद दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पिछले तीन महीनों से खराब पड़ी हैं, जिसके कारण बाहरी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतने बड़े निजी अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए सर्वसुविधायुक्त एंबुलेंस उपलब्ध क्यों नहीं है। साथ ही बाहरी एंबुलेंस में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं भेजे जाने को भी गंभीर लापरवाही बताया। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों की सुरक्षा से अधिक व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
जिला कांग्रेस कमेटी ने अस्पताल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज और जवाब उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल के खिलाफ उग्र आंदोलन चलाया जाएगा। साथ ही राज्य शासन से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।





