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पहले अपाचे को गिराया फिर 21 ठिकानों पर हमले… ईरान ने टुकड़े-टुकड़े कर दिए ट्रंप के तेवर

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशों के बाद भी संघर्ष जारी है. मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर होते जा रहे हैं. जो ट्रंप अलग-अलग मंच से ईरान के साथ शांति की बात कर रहे थे, अब अचानक वो आक्रामक हो चुके हैं. ईरान के ठिकानों को तबाह करने का आदेश दे रहे हैं. पिछले कुछ घंटों में अमेरिका और ईरान का तनाव अब तबाही में तब्दील हो चुका है. ये ट्रंप और मुज्तबा के बीच युद्ध का नया राउंड है. पहले ईरान ने अमेरिका का हेलिकॉप्टर अपाचे को गिराया उसके बाद 21 बारूदी तमाचे मारे. मतलब ये कि ईरान ने ट्रंप के तेवर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए.

पहले अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की. अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में एयर डिफेंस और रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए. होर्मुज के पास ईरान के कई रडार और एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का अमेरिका ने दावा किया है. बड़ी बात ये है कि इस हमले के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने अमेरिका से बारूदी तमाचे वाला बदला लिया. अमेरिका के 21 ठिकानों पर हमले किए. ये सिर्फ बदला नहीं था बल्कि ट्रंप के लिए संदेश था कि हर हमले का जवाब दिया जाएगा. ईरान हर फ्रंट पर लड़ने के लिए तैयार है.

ईरान ने सिर्फ बदला नहीं लिया है बल्कि आगे होने वाले भीषण हमलों के संकेत दिए हैं. IRGC ने अमेरिका को अपनी पूरी शक्ति दिखाई है. दावा है ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को नष्ट किया. ईरान ने MQ-9 ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है. दावा है दक्षिणी ईरान के बुशहर प्रांत के ऊपर MQ-9 बेड़े का 20% हिस्सा तबाह किया है. सही मायने में देखें तो पिछले कुछ घंटों में ईरान ने अमेरिका को दो बड़े झटके दिए हैं.

पहले एडवांस हेलिकॉप्टर अपाचे को गिराया जिसके बाद युद्ध के इस राउंड की शुरुआत हुई है. उसके बाद अब MQ-9 रीपर ड्रोन को नष्ट किया. यही वजह है ईरान को लेकर ट्रंप शुरू से कंफ्यूज रहे हैं. उनके कंफ्यूज़न को 4 बयानों और घटनाओं से समझा जा सकता है. पहले ट्रंप शांति की बात कर रहे थे. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे कि ईरान में बड़े नेताओं के साथ उनकी डील हो रही है.

वो दावा कर रहे थे कि ईरान अमेरिका की कई शर्तों को मान सकता है लेकिन ईरान की तरफ से आधिकारिक रूप से किसी ने ट्रंप का समर्थन नहीं किया. ईरान हमेशा अपनी शर्तों पर टिका रहा है लेकिन ट्रंप बयान बदलते रहे हैं. शांति वाले दावे के बाद ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप ने नेतन्याहू को डांट लगाई थी. हमले नहीं करने की सलाह दी थी लेकिन हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल हमले करता रहा.

ट्रंप अपने दावों और बयानों में गलत दिखे

आज भी बड़े हमले किए गए हैं. यहां भी ट्रंप अपने दावों और बयानों में गलत दिखे. कहानी सिर्फ इतनी नहीं है अब ट्रंप खुद ईरान पर हमले का आदेश दे रहे हैं. अमेरिकी सेना ने ईरान पर बमबारी की है. ट्रंप 2 हफ्तों में ईरान पर ‘टोटल विक्ट्री’ का ऐलान भी कर चुके हैं. सवाल यही है ट्रंप आखिर चाहते क्या हैं? ट्रंप जो भी चाहें लेकिन ईरान का एजेंडा क्लियर है. ईरान का लक्ष्य भी क्लियर है. वो अपनी शर्तों से समझौता नहीं करेगा.

ईरान अमेरिका के हर हमले का जवाब देगा. इस बार भी वही देखने को मिला है. अमेरिकी हमले के कुछ घंटों के भीतर ही ईरान ने बदला लिया. ईरान ने 3 देशों में 21 अटैक किए हैं. हर जगह अमेरिका के सैन्य बेस को टारगेट किया गया है. बहरीन में 5वें बेड़े पर प्रहार किया. बहरीन में अमेरिकी नेवी बेस पर कई मिसाइलें दागी गईं. अमेरिकी 5th फ्लीट मुख्यालय के पास भीषण धमाके हुए. बहरीन में ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एयर रेड अलर्ट जारी किया गया है.

ईरान ने मिसाइल लॉन्च का वीडियो भी जारी किया, जिसमें IRGC के लोग कई घातक मिसाइलें दागते हुए दिख रहे हैं. ईरान के इस तेवर के बाद पश्चिम एशिया में हड़कंप मचा है. जहां जहां अमेरिकी बेस है वहां हमले का डर है. एक खबर ये भी है कि ईरान के विदेश मंत्री ने सऊदी और तुर्किये के विदेश मंत्रियों से बात की है. फोन पर हुई बातचीत में दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई.

ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार: अराघची

अराघची ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा की है. इसे ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है. ये भी कहा कि ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है और उसकी सेना हमलों का जवाब दे रही है. ट्रंप का भी बड़ा बयान सामने आया है. ट्रंप ने धमकी दी है कि वो ईरान में बिजली संयंत्रों पर हमले के आदेश देने के हम बहुत करीब हैं. सही मायने में देखें तो अमेरिका और ईरान में इस युद्ध की शुरुआत इजरायल के हमले से हुई है.

इजरायल ने 9 जून को दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक शहर सूर में बड़ा हवाई हमला किया था, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद ईरान ने इजरायल को टारगेट कर जवाब दिया था. आज फिर लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर IDF ने बमबारी की है. मतलब यही है कि युद्ध अब रुकने वाला नहीं है. ना इजरायल रुक रहा है ना ईरान जवाब देने से रुक रहा है और ना ही अमेरिका शांति और सीजफायर वाले स्टैंड पर कायम है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आदत रही है, हर दिन वो नए बयान, नई धमकी, नए फैसले के साथ दुनिया के सामने आते हैं. ईरान युद्ध पर उन्होंने तो कई झूठे दावे किए. कभी सीजफायर का ऐलान किया. कभी ईरान को डेडलाइन दी. कभी शांति का दावा किया लेकिन हकीकत सबके सामने है. ट्रंप के ऐसे ही झूठे दावों पर एक रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जबसे ईरान और अमेरिका का संघर्ष जारी है ट्रंप 37 बार कुछ दिनों में युद्ध के खत्म होने का दावा कर चुके हैं. सोचिए 37 बार ट्रंप झूठ बोल चुके हैं.

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