होर्मुज संकट के बीच भारत की रणनीति कामयाब, सुरक्षित गुजर रहे भारतीय जहाज

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट गहरा गया है. इसके बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने में सफलता हासिल की है. सरकार की समन्वित रणनीति के तहत भारतीय जहाज लगातार इस मार्ग से गुजर रहे हैं.

मंत्रालयों के समन्वय से संभाली जा रही स्थिति

तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों के बीच लगातार समन्वय स्थापित कर रही है. जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और उर्वरक मंत्रालय के साथ मिलकर जहाजों की प्राथमिकता तय की जा रही है.

अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है. इसी रणनीति के तहत भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है ताकि देश में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो.

होर्मुज क्षेत्र में मौजूद हैं कई भारतीय जहाज

सरकारी जानकारी के मुताबिक वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं. इनमें कच्चे तेल के टैंकर, एलपीजी टैंकर, कंटेनर जहाज और बल्क कैरियर शामिल हैं.

हाल ही में एक बड़ा कच्चा तेल टैंकर सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर भारत की ओर रवाना हुआ है. बताया गया है कि जहाज करीब 2.7 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है और जल्द ही भारतीय बंदरगाह पहुंचेगा.

भारतीय नाविक सुरक्षित, संचालन सामान्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक किसी भारतीय जहाज से जुड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. जहाजरानी महानिदेशालय द्वारा बनाए गए नियंत्रण कक्ष में लगातार निगरानी रखी जा रही है.

अधिकारियों के अनुसार अब तक हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है. वहीं भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य बना हुआ है और किसी तरह की बाधा की सूचना नहीं मिली है. सरकार का कहना है कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है.

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