NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, डॉक्टर मनोज शिरूरे बन सकते हैं सरकारी गवाह

महाराष्ट्र में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरूरे पर आरोप है कि उन्होंने 12 लाख रुपये में लीक पेपर खरीदकर कई छात्रों तक पहुंचाया। अब CBI उन्हें इस मामले में सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है।
जांच में सामने आया है कि डॉ. शिरूरे ने कथित तौर पर चार अस्पतालों के जरिए पेपर साझा किया था। उनकी निशानदेही पर लातूर, नांदेड़ और संभाजीनगर के पांच डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है। इनमें चाइल्ड स्पेशलिस्ट, गायनेकोलॉजिस्ट और सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर शामिल हैं।
CBI ने डॉ. शिरूरे के अस्पताल और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया है। एजेंसी को शक है कि उन्होंने अपने बेटे और परिवार के अन्य बच्चों को फायदा पहुंचाने के लिए पेपर खरीदा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्रिका टेलीग्राम और PDF फाइलों के जरिए छात्रों तक पहुंचाई जाती थी। फॉरेंसिक टीम ने कई डिलीट किए गए डेटा भी रिकवर किए हैं। CBI के मुताबिक, यह नेटवर्क महाराष्ट्र और राजस्थान समेत पांच राज्यों तक फैला हुआ था।





