सुशासन तिहार शिविर में पहुंचा पारिवारिक विवाद: मां ने नवजात बेटी को पिता का नाम दिलाने की लगाई गुहार

गरियाबंद जिले के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। फुलिमुड़ा गांव की रहने वाली महिला ने अपनी दूधमुंही बच्ची को पिता का नाम दिलाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी है। महिला का आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद उसका पति बच्ची को अपनाने से इनकार कर रहा है और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में भी सहयोग नहीं कर रहा।
पति पर बेटी को अपनाने से इनकार का आरोप
पीड़िता ने आवेदन में बताया कि उसकी शादी नवंबर 2025 में देवभोग निवासी ईश्वर कश्यप से हुई थी। महिला के मुताबिक बच्ची के जन्म के बाद पति ने उससे दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी। आरोप है कि पति ने मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया है और तलाक देने की धमकी दे रहा है।
महिला ने यह भी कहा कि बच्ची के जन्म के बाद से अब तक उसका पति नवजात को देखने तक नहीं पहुंचा। फिलहाल महिला अपने ससुराल पक्ष के बुजुर्गों के साथ गांव में रह रही है।
पति ने महिला के अतीत को लेकर लगाए आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब पति ने महिला के पुराने रिश्तों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि वर्ष 2017 में महिला की पहले भी एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज हुई थी, जो बाद में विवाद के कारण टूट गई थी। पति ने दावा किया कि बाद में कुछ शर्तों के आधार पर दोबारा समझौता हुआ था।
हालांकि महिला ने अपने आवेदन में केवल बच्ची को वैधानिक पहचान और पिता का नाम दिलाने की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस जांच में जुटी, दस्तावेज खंगाले जा रहे
शिविर में शिकायत मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। देवभोग पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।





