वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन का रिपोर्ट कार्ड: लोगों ने गिनाईं पानी, सफाई और अधूरे विकास की समस्याएं

रायपुर। वैशाली नगर विधानसभा से पहली बार विधायक बने रिकेश सेन अपनी तेज-तर्रार छवि और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर चर्चा में रहते हैं। नगर निगम की राजनीति से विधानसभा तक पहुंचे रिकेश सेन सदन में मुद्दों को मजबूती से उठाते नजर आते हैं। लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र में लोगों की राय कुछ अलग तस्वीर पेश करती है।
लल्लूराम डॉट कॉम की टीम जब वैशाली नगर विधानसभा के अलग-अलग इलाकों में पहुंची तो लोगों ने पानी, सफाई, सड़क और अधूरे विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। कुरूद बस्ती, कोहका, सुपेला, रामनगर और अन्य पुराने इलाकों में स्थानीय लोगों ने कहा कि चुनाव के बाद विधायक क्षेत्र में कम दिखाई दिए।
कुरूद बस्ती के लोगों ने बताया कि इलाके में आज भी गंदगी, टूटी सड़कें और पानी की बड़ी समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। वार्ड 22 के नागरिकों ने भी कहा कि चुनाव के समय किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
स्टील नगर में चाय दुकान चलाने वाली आशा दीदी ने कहा कि वे विधायक को जानती तक नहीं हैं और उन्होंने इलाके में उन्हें कभी नहीं देखा। वहीं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता आर.एस. मौर्य ने खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद रिकेश सेन ने वार्ड में कोई खास दौरा नहीं किया और न ही सड़क, नाली और पानी जैसी मूलभूत समस्याओं पर काम हुआ।
वार्ड 31 में महिलाओं ने दूषित पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। एक महिला ने बताया कि नल का गंदा पानी पीने से उनका बेटा पीलिया का शिकार हो गया। लोगों का आरोप है कि पार्षद और विधायक एक-दूसरे के पास भेजकर जिम्मेदारी से बचते हैं।
हालांकि कुछ इलाकों में लोगों ने विधायक के व्यवहार की तारीफ भी की। कैंप-2 और फौजी नगर के लोगों ने कहा कि रिकेश सेन का व्यवहार अच्छा है और वे इलाके में आते-जाते रहते हैं, लेकिन विकास कार्यों की रफ्तार अभी भी धीमी है।
इस दौरान क्षेत्र में OYO और सट्टा को लेकर भी चर्चा सुनने को मिली, लेकिन कैमरे के सामने कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ।
फिलहाल वैशाली नगर में रिकेश सेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को जमीन पर उतारना माना जा रहा है।





