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PM आवास के लिए अधिकारी के पैरों में गिरे आदिवासी दंपती: गुहार के 24 घंटे के भीतर मिली मंजूरी और सरकारी सुविधाएं

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए एक आदिवासी दंपती को अधिकारियों के सामने दंडवत होकर गुहार लगानी पड़ी। कमार जनजाति से जुड़े पति-पत्नी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और 24 घंटे के भीतर उन्हें आवास, राशन कार्ड और जॉब कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

शिविर में लगाई मदद की गुहार

मामला देवभोग जनपद क्षेत्र के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर का है। यहां बरही गांव निवासी पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। दंपती ने जिला पंचायत CEO के सामने दंडवत होकर प्रधानमंत्री आवास और राशन कार्ड की मांग की।

दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिल पाया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

24 घंटे में मिली सरकारी सहायता

वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। अगले ही दिन अधिकारियों की टीम दंपती के घर पहुंची और उन्हें जॉब कार्ड व राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया। साथ ही प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास निर्माण के लिए करीब ढाई लाख रुपए की मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि परिवार का बैंक खाता भी खुलवा दिया गया है और ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ दिलाया जाए।

15 साल पहले गांव छोड़कर जंगल में बस गया था परिवार

जानकारी के मुताबिक, पवन सिंह का परिवार करीब 15 साल पहले आर्थिक तंगी के कारण गांव छोड़कर नवरंगपुर के जंगल क्षेत्र में जाकर रहने लगा था। परिवार के पास खेती की जमीन होने के बावजूद आय पर्याप्त नहीं थी।

करीब एक महीने पहले परिवार वापस गांव लौटा और पंचायत से सहायता की मांग की। प्रक्रिया में देरी होने के बाद उन्होंने सुशासन तिहार शिविर में पहुंचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। इसके बाद प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया।

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