राजस्थान के सुंदर गुर्जर ने पेरिस में जीता कांस्य, सीएम और डिप्टी सीएम ने दी बधाई

जयपुर : पेरिस पैरालंपिक 2024 में करौली जिले के देवलेन गांव के निवासी सुन्दर सिंह गुर्जर ने पुरुषों की भाला फेंक F46 स्पर्द्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता. सुन्दर गुर्जर ने सोमवार को पेरिस में आयोजित पैरालिंपिक प्रतियोगिता में भाला फेंक स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करके मैदान में तीसरा श्रेष्ठ प्रदर्शन किया. मुकाबले से पहले सुन्दर गुर्जर ने बताया था कि वे अच्छी तैयारी के साथ पेरिस पहुंचे हैं. पिछले लंबे समय से ओलिंपिक पदक का सपना लेकर बेंगलुरु स्टेडियम में उन्होंने अथक मेहनत की है. सुंदर गुर्जर ने कहा कि पदक के सपने को पूरा करने के लिए और समस्त भारतीयों की दुआओं के साथ उन्होंने पेरिस में तिरंगा लहराया है.
देवेंद्र झाझड़िया ने जारी किया वीडियो मैसेज : सुंदर गुर्जर की इस जीत के बाद पेरिस से वीडियो संदेश जारी करते हुए पैरालंपिक संघ के प्रमुख देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि टोक्यो पैरालंपिक में मेरे साथी खिलाड़ी रहे अजीत सिंह और सुंदर सिंह गुर्जर ने पुरुषों की भाला फेंक (F46) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया है. झाझड़िया बोले कि अजीत ने रजत और सुन्दर ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है.
अजीत सिंह ने 65:62 मी. के साथ रजत पदक प्राप्त किया और अपनी उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया, जबकि सुंदर सिंह गुर्जर, जो राजस्थान से हैं, ने 64:96 मी. के साथ कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता और समर्पण को साबित किया. इन दोनों एथलीटों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने ट्रैक और फील्ड में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है. देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि पूरे राष्ट्र को दोनों पर गर्व है और मैं दोनों को इस शानदार सफलता के लिए दिल से बधाई देता हूं.
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दी बधाई : पैरालंपिक में सुन्दर गुर्जर को कांस्य पदक मिलने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बधाई दी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि राजस्थान के करौली जिले के प्रतिभाशाली एथलीट सुंदर गुर्जर ने पेरिस पैरालंपिक में भाला फेंक प्रतियोगिता की F46 श्रेणी में कांस्य पदक प्राप्त कर न केवल देश का, अपितु संपूर्ण राजस्थान का मान बढ़ाया है, जिसके लिए आपको बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि आपके अथक परिश्रम और असाधारण खेल कौशल का परिणाम है. यह जीत प्रदेश और देश के असंख्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है.





