Launch of Gaudham Schemes: बिलासपुर से गौसेवा की बड़ी शुरुआत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया 29 गौधाम योजनाओं का शुभारंभ
गाय हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था का आधार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बिलासपुर के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में (Launch of Gaudham Schemes) आज प्रदेश की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मंत्री रामविचार नेताम और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से बटन दबाकर योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान पशुपालकों का सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रदेश में एक साथ 29 गौधाम योजनाओं की शुरुआत की जा रही है।
बिलासपुर से गौसेवा की बड़ी शुरुआत (Launch of Gaudham Schemes)
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और सदियों से उसकी पूजा की जाती रही है। गाय केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भी मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि गाय का दूध, दही, घी ही नहीं बल्कि गोबर और गोमूत्र भी बेहद उपयोगी होते हैं।मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गौठानों की हालत खराब थी और वहां गोबर तक नहीं मिलता था। लेकिन अब उनकी सरकार गौधाम योजना के माध्यम से व्यवस्थित गौशालाएं विकसित कर रही है, जहां गायों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गौधामों में किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें सिखाया जाएगा कि गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, औषधि और अन्य उपयोगी उत्पाद कैसे तैयार किए जा सकते हैं।वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गाय हमारी आस्था और संस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र से हमें पंचतत्व की प्राप्ति होती है, इसलिए गौसेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है।कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं ने भी इस योजना को ग्रामीण विकास और पशुपालकों के लिए बेहद सराहनीय पहल बताया।





