छत्तीसगढ़ में एलपीजी सिलेंडर के लिए एजेंसियों में लंबी कतारें, इंडक्शन की मांग 10 से 20 प्रतिशत बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब देश में रसोई गैस की आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी की स्थिति बन गई है। गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और कई स्थानों पर सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा और रायगढ़ सहित कई जिलों में सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। उपभोक्ता तेज धूप में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान सर्वर ठप होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराई है उन्हें भी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए 10 से 12 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और स्थिति सामान्य है।
राजधानी में एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पूरे प्रदेश में अब तक करीब 500 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
जांच के दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। ऐसे मामलों में नियमों के उल्लंघन पर सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जा सकता है।
प्रशासन ने कालाबाजारी और अवैध उपयोग के मामलों में पेट्रोलियम गैस प्रदाय और वितरण विनियम आदेश 2000 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की है। खाद्य विभाग ने कहा है कि आगे भी नियमित जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





