6 साल में 33,700 मौतें, क्या है वजह और क्या कर रही है सरकार?

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 सालों में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 33,700 से अधिक लोगों की जान चली गई है। यह आंकड़ा न केवल डरावना है, बल्कि यह हमें सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर होने का संकेत भी देता है। तो चलिए, आज के इस वीडियो में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर क्यों हो रही हैं इतनी सड़क दुर्घटनाएं, क्या है सरकार की भूमिका, और कैसे हम इन दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
सबसे पहले बात करते हैं सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि 2019 से 2024 के बीच राज्य में कुल 79,523 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 33,734 लोगों की मौत हुई और 70,255 लोग घायल हुए।
यह आंकड़ा न केवल हमें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करता है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर क्यों इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
सड़क दुर्घटनाओं के कारण
सड़कों की खराब हालत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सड़कों की हालत बेहद खराब है। गड्ढे, टूटी हुई सड़कें और अनियमित सड़क निर्माण दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी: अक्सर लोग यातायात नियमों को तोड़ते हैं। ओवरस्पीड, हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना और शराब पीकर गाड़ी चलाना जैसी लापरवाहियां दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं।
ब्लैक स्पॉट: राज्य में 848 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान की गई है। इनमें से अधिकतर स्थानों पर सड़कों की डिजाइन और निर्माण में कमी होती है, जो दुर्घटनाओं को बढ़ावा देती है।
जागरूकता की कमी: अधिकतर लोग सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक नहीं हैं। यही कारण है कि सरकार को लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने पड़ते हैं।
सरकार की पहल
ब्लैक स्पॉट का सुधार: राज्य में 848 ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से 790 स्थानों पर सुधारात्मक उपाय किए जा चुके हैं। इनमें फ्लाईओवर, अंडरपास और बाईपास का निर्माण शामिल है।
जागरूकता कार्यक्रम: सरकार ने पिछले साल 16,697 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
यातायात नियमों का सख्ती से पालन: सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई। पिछले साल 8,02,417 यातायात उल्लंघन के मामले सामने आए, जिनसे 163.08 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मुफ्त इलाज की सुविधा: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत कार्डधारक निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज के लिए पात्र हैं।
हम क्या कर सकते हैं?
यातायात नियमों का पालन करें: हमेशा हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और गाड़ी की स्पीड लिमिट का ध्यान रखें।
शराब पीकर गाड़ी न चलाएं: शराब पीकर गाड़ी चलाना न केवल आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
ब्लैक स्पॉट पर सावधानी बरतें: जिन सड़कों पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, वहां विशेष सावधानी बरतें।
जागरूकता फैलाएं: अपने आसपास के लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करें।
यह थी छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति पर एक विस्तृत जानकारी। हमें उम्मीद है कि यह वीडियो आपको पसंद आया होगा और आप सड़क सुरक्षा के प्रति और भी जागरूक हुए होंगे।





