नीट हंगामा प्रतिक्रिया : पेपर लीक पर सख्त कानून, संसद में सियासी संग्राम
धरमलाल कौशिक का कांग्रेस पर हमला— खत्म मुद्दों पर नहीं, नए विधेयक पर हो चर्चा

नीट पेपर लीक मामले को लेकर सड़क से लेकर संसद तक सियासत जारी है (नीट हंगामा प्रतिक्रिया )। केंद्र सरकार जहां पेपर लीक रोकने के लिए कड़े प्रावधानों वाला विधेयक लेकर आई है, वहीं कांग्रेस इस पर चर्चा के साथ छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठा रही है। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस के रुख पर सवाल खड़े किए हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को खत्म हो चुके मुद्दों की बजाय नए कानून पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठा (नीट हंगामा प्रतिक्रिया )
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा राजनीतिक और सामाजिक गतिरोध अब समाप्त हो चुका है। केंद्र सरकार और आंदोलनरत पक्षों के बीच हुई बातचीत तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म हो गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक सख्त विधेयक संसद में पेश किया है।प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने तथा मामले का तीन महीने के भीतर निपटारा करने जैसे कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस कानून से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
हालांकि, संसद में इस विधेयक को लेकर गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस ने विधेयक पर विस्तृत चर्चा की मांग की है। सरकार ने चर्चा के लिए सहमति भी जताई है, लेकिन विपक्ष छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए लगातार हंगामा कर रहा है। बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने इसी विषय को प्रमुखता से उठाया।इधर, भाजपा ने कांग्रेस के इस रवैये की आलोचना की है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि संसद में ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए, जिससे देश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उनका कहना है कि सरकार द्वारा लाया गया कानून पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब भी समाप्त हो चुके मुद्दों को उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि उसे नए कानून पर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए।





