खतरे को न्योता: बाढ़ में भी नहीं मानी चेतावनी, एनिकट पार करते बाइक समेत नदी में बहे दो युवक

जान हथेली पर रखकर एनिकट पार करने की जिद, स्थानीय लोगों ने बचाई दो युवकों की जान

मल्हार में लीलागर नदी के उफान के बीच दो युवकों को एनिकट पार करने की जिद भारी पड़ गई। गुरुवार दोपहर नदी का पानी एनिकट से करीब दो फीट ऊपर और तेज बहाव के साथ बह रहा था, इसके बावजूद दोनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर एनिकट पार करने निकल पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें साफ तौर पर चेतावनी दी और वापस लौटने को कहा, लेकिन शायद युवकों को लगा कि तेज बहाव उनके हौसले के सामने कुछ नहीं है। बाइक जैसे ही पानी के तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंची, दोनों का संतुलन बिगड़ गया और बाइक समेत नदी में बह गए।

स्थानीय लोगों ने बचाई दो युवकों की जान (खतरे को न्योता)

देखते ही देखते दोनों युवक पानी की तेज धारा में समाने लगे। इसके बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत नदी में उतरकर दोनों युवकों को बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक मल्हार क्षेत्र के आसपास के रहने वाले हैं और जांजगीर-चांपा की ओर जाने के लिए एनिकट पार कर रहे थे। घटना के समय उनके शराब के नशे में होने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलते ही मल्हार पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को उफनती नदी तथा एनिकट पार नहीं करने की समझाइश दी।

सवाल यह है कि जब नदी का पानी खुद खतरे का संकेत दे रहा हो, स्थानीय लोग बार-बार रोक रहे हों और एनिकट के ऊपर तेज रफ्तार से पानी बह रहा हो, तब भी उसे पार करने की ऐसी कौन-सी मजबूरी थी? इस बार स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों की जान बच गई, लेकिन हर बार किस्मत इतनी मेहरबान हो, यह जरूरी नहीं। बारिश के दौरान लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ने पर एनिकट पार करना सीधे खतरे को न्योता देना है

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