Wife made serious allegations: पत्नी ने जड़ा गंभीर आरोप— ₹50 लाख देकर लगवाई पति की नौकरी, ….
अब अपनाने से इंकार

बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) का शांत परिसर (Wife made serious allegations) पिछले एक सप्ताह से एक हाई-वोल्टेज पारिवारिक ड्रामे और गंभीर आरोपों का केंद्र बना हुआ है। बिहार से आई एक महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ विश्वविद्यालय के गेट और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रही है।
महिला का आरोप है कि उसका पति, जो विश्वविद्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है, अब उसे पहचानने से इंकार कर रहा है और दूसरी शादी की फिराक में है। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब महिला ने नौकरी लगवाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत देने जैसा संगीन दावा किया, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं……
बिहार की महिला दो बच्चों संग न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
पटना की निवासी सुप्रिया देवी के अनुसार, साल 2018 में राज ब्रदर्स नामक युवक के साथ मंदिर में उसकी शादी हुई थी। सुप्रिया का दावा है कि 2023 में जब जीजीयू में क्लर्क की भर्ती निकली, तब उसने अपने मायके की जमीन बेचकर करीब 50 लाख रुपये जुटाए ताकि राज और उसके भाई जितेंद्र की नौकरी लग सके। नौकरी मिलने के बाद राज ने कथित तौर पर रिकॉर्ड में खुद को अविवाहित बताया और पत्नी-बच्चों को विश्वविद्यालय के सरकारी आवास के बजाय कोनी में एक किराए के मकान में छिपाकर रखा।
विवाद तब गहराया जब 1 जनवरी 2026 को राज उसे सरकारी आवास में लेकर आया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी सास और ससुराल वालों ने वहां पहुँचकर सुप्रिया के साथ मारपीट की और उसे राशन तक देने से मना कर दिया। महिला का आरोप है कि पति अब उसे अपनी जिंदगी से बेदखल कर दूसरी शादी रचाने की तैयारी कर रहा है….
क्लर्क पति पर दूसरी शादी की तैयारी और प्रताड़ना का आरोप….(Wife made serious allegations)
विवाद बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 16 फरवरी को उक्त सरकारी आवास खाली करा दिया, जिसके बाद से सुप्रिया अपने बच्चों के साथ कड़ाके की ठंड और असुरक्षा के बीच थानों और कलेक्टर कार्यालय की चौखट लांघ रही है। 17 फरवरी को जब वह अपने पति से बात करने कैंपस पहुँची, तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे गेट पर ही रोक दिया, जिससे नाराज होकर महिला ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया।
सुप्रिया का कहना है कि उसने कोनी थाना और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस मदद नहीं मिली है। दूसरी ओर, इस पूरे प्रकरण पर आरोपी कर्मचारी राज ब्रदर्स और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है; बार-बार संपर्क करने के बावजूद उनकी ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल, न्याय की उम्मीद में यह पीड़ित महिला कैंपस के बाहर डटी हुई है……





