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अमेरिकी राष्ट्रपति की रेस से बाहर क्यों हुए जो बाइडेन? जानिए 5 बड़े कारण

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हो गए हैं. उन्होंने देशवासियों के नाम एक चिट्ठी लिखकर नाम वापसी का ऐलान किया है, वे जल्द ही राष्ट्र को संबोधित भी कर सकते हैं. दरअसल चार दिन पहले ही जो बाइडेन कोरोना से संक्रमित हो गए थे, उनके स्वास्थ्य को लेकर व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया था कि वे आइसोलेशन में रहकर काम करेंगे, लेकिन रविवार को बाइडेन ने एक चिट्ठी लिखकर अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का ऐलान कर दिया. बाइडेन ने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की उम्मीदवारी का समर्थन करने की बात भी लिखी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी बाइडेन के घटते समर्थन को लेकर चिंता जताई थी. बाइडेन के राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर होने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं.

बाइडेन की नाम वापसी के 5 बड़े कारण

1. बाइडेन के खिलाफ बढ़ता विरोध

बाइडेन की उम्मीदवारी को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर भी विरोध बढ़ता जा रहा था. पार्टी के लोग ट्रंप से बहस में पिछड़ने के बाद बाइडेन को राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटने की अपील कर रहे थे. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी बाइडेन के घटते समर्थन को लेकर चिंता जताई थी और सूत्रों के मुताबिक दोनों ही नेताओं ने बाइडेन से राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर होने की अपील भी की थी. पार्टी के भीतर ही बाइडेन पर चुनाव ना लड़ने का दबाव बन रहा था, वहीं अधिकांश अमेरिकी उनके काम को संभालने के तरीके से नाखुश हैं और उन्हें अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

2. गोलीकांड के बाद लोकप्रियता घटी

ट्रंप पर हुए हमले के बाद बाइडेन की लोकप्रियता घटी है. माना जा रहा है कि इस जानलेवा हमले की वजह से अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन बढ़ा है. ट्रंप के समर्थक इसे हत्या की कोशिश मान रहे हैं और इसका सीधा असर नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर भी देखने को मिल सकता है. वहीं इस गोलीकांड के बाद बाइडेन की लोकप्रियता में काफी गिरावट देखी गई, जो डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चिंता का सबब बनी हुई थी.

3. बढ़ती उम्र और कमजोर याददाश्त

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की बढ़ती उम्र और कमज़ोर याददाश्त को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. ट्रंप कई मौकों पर लड़खड़ाकर गिरते दिखे जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे. इसके अलावा हाल ही में हुए NATO समिट के दौरान उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को पुतिन कहकर संबोधित किया, यही नहीं वो अपनी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस का नाम भी भूल गए और उन्हें ट्रंप कहकर बुलाया. यही वजह है कि विरोधी लगातार बाइडेन की बढ़ती उम्र और मेंटल हेल्थ को चुनावी मुद्दा बनाने में लगे हुए थे.

4. प्रेसिडेंशियल डिबेट में निराशाजनक प्रदर्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्रेसिडेंशियल डिबेट काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन के बीच पिछले महीने पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई. इस दौरान बाइडेन कई बार बोलते हुए लड़खड़ाते नजर आए. कई मौकों पर वो काफी सोच-समझकर जवाब दे रहे थे जिसके चलते पूरी डिबेट में ट्रंप, बाइडेन पर भारी पड़ते दिखे. इस डिबेट के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार बाइडेन की खराब सेहत को लेकर हमला किया और उन्हें ‘बूढ़ा’ बताया. इसके अलावा कहा जा रहा था कि चुनावी बहस में हार के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन के चुनाव अभियान को मिलने वाली चुनावी फंडिंग में गिरावट दर्ज की गई. डेमोक्रेटिक पार्टी के कई डोनर्स ने बाइडेन के चुनावी अभियान को चंदा ना देने का फैसला लिया था.

5. कोरोना की वजह से कैंपेन से बाहर

जो बाइडेन की खराब सेहत यकीनन उनकी नाम वापसी के कारणों में से एक हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति की उम्र 81 साल हो चुकी है और वो कई मौकों पर अनफिट भी दिखे. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता रहा है कि जो बाइडेन दिन में सिर्फ 6 घंटे ही काम कर पाते हैं, और वो जल्दी ही थका हुआ महसूस करने लगते हैं.

कुछ दिन पहले बाइडेन ने खुद ही कहा था कि अगर डॉक्टर्स ने उन्हें अनफिट घोषित किया तो वे राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हो जाएंगे. हालांकि फिलहाल वो कोरोना से संक्रमित हैं और उनका इलाज जारी है.

अमेरिका के हित में बताया फैसला

जो बाइडन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लेटर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के फैसलों का जिक्र करते हुए लिखा है कि “बीते साढ़े तीन सालों में हमने एक राष्ट्र के तौर पर बहुत तरक्की की है. आज अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था है.” बाइडेन ने अफोर्डेबल हेल्थ केयर स्कीम, गन सेफ्टी लॉ और पर्यावरण से संबंधित कानून को महत्वपूर्ण बताते हुए लिखा है कि अमेरिका इतनी बेहतर स्थिति में कभी नहीं रहा, जितना आज है. राष्ट्रपति चुनाव की रेस से हटने के अपने फैसले को जो बाइडेन ने अमेरिका के हित में बताया और मिलकर ट्रंप को हराने का संकल्प भी लिया.

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