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1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा वॉट्सएप और टेलीग्राम, कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में होगा लॉगआउट

रायपुर। केंद्र सरकार ने ‘सिम बाइंडिंग’ नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है।

नए नियमों के तहत 1 मार्च से यदि मोबाइल फोन में संबंधित सिम कार्ड मौजूद नहीं होगा, तो वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे।

इसके साथ ही कंप्यूटर पर लॉगइन वॉट्सएप वेब भी हर छह घंटे में स्वतः लॉगआउट हो जाएगा, जिसे दोबारा इस्तेमाल करने के लिए फिर से क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड और फर्जी नंबरों के जरिए हो रहे अपराधों पर रोक लगाने के लिए जरूरी है।

सरकार के अनुसार, अगर किसी यूजर के फोन में वह सिम कार्ड नहीं है, जिससे वॉट्सएप या टेलीग्राम रजिस्टर है, तो उसका उपयोग सीमित हो सकता है या पूरी तरह बंद भी हो सकता है।

भारत में करोड़ों लोग एक ही नंबर से कई डिवाइस पर वॉट्सएप इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस नियम से बड़ी संख्या में यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। खासतौर पर वे लोग, जो ऑफिस या व्यवसाय के लिए अलग-अलग डिवाइस पर एक ही अकाउंट का उपयोग करते हैं।

इस नियम का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 60 से 80 प्रतिशत तक छोटे व्यवसायों को ऑपरेशनल बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, जो यूजर बार-बार सिम कार्ड बदलते हैं या अलग-अलग डिवाइस पर लॉगिन रखते हैं, उन्हें भी परेशानी होगी।

यह बदलाव केवल वॉट्सएप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेलीग्राम, सिग्नल और अन्य मैसेजिंग एप्स पर भी लागू होगा। सरकार का मानना है कि सिम बाइंडिंग से डिजिटल फ्रॉड, फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। फिलहाल सरकार अपने फैसले पर अडिग है और 1 मार्च से नियम लागू होने का काउंटडाउन जारी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि आम यूजर्स पर इसका वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है।

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