बिलासपुर में वीर बाल दिवस पर श्रद्धा का सैलाब: साहिबजादों के बलिदान को नमन, लखीराम ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम

बिलासपुर। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को याद करते हुए बुधवार को बिलासपुर में वीर बाल दिवस बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। मिशन हॉस्पिटल रोड स्थित स्वर्गीय लखीराम ऑडिटोरियम में भाजपा की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सिख समाज, पंजाबी समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के जीवन और शौर्य पर आधारित फिल्म के प्रदर्शन से हुई। फिल्म के माध्यम से उपस्थित लोगों को यह दिखाया गया कि किस तरह कम उम्र में ही दोनों साहिबजादों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
वक्ताओं ने कहा कि साहिबजादों ने अत्याचार के सामने सिर झुकाने से इनकार कर दिया। “गर्दन कटा दी, सिर नहीं झुकाया” यह सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि साहस, त्याग और आत्मसम्मान की मिशाल है, जो आज भी समाज को प्रेरित करती है।
भाजपा शहर अध्यक्ष दीपक ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस अमर इतिहास से रूबरू कराना है, जहां मासूम उम्र में भी धर्म परिवर्तन के दबाव को ठुकराते हुए सत्य के मार्ग पर बलिदान दिया गया। इस दौरान सिख समाज के वरिष्ठजनों ने भी गुरु गोविंद सिंह जी और साहिबजादों की शहादत पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में बताया गया कि आगामी 15 दिनों तक सिख समाज में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाएगा, ताकि साहिबजादों की स्मृति को पूरी श्रद्धा से याद किया जा सके।
वीर बाल दिवस का संदेश:
यह दिवस हमें सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन हौसले और बलिदान की कहानी इतिहास में हमेशा अमर रहती है।





