बढ़ी हुई सैलरी के लिए अभी इंतजार, आठवां वेतन आयोग 2027 के बाद ही देगा राहत

नया साल 2026 शुरू हो चुका है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई सैलरी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। नियमों के अनुसार आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से देय माना जाता है, लेकिन व्यवहारिक प्रक्रिया के कारण इसका लाभ तुरंत मिलना मुश्किल दिख रहा है। मौजूदा हालात में नई सैलरी 2027 के मध्य या 2028 की शुरुआत तक मिलने की संभावना जताई जा रही है।
देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। महंगाई के इस दौर में फिटमेंट फैक्टर में बदलाव को लेकर अपेक्षाएं बढ़ी हैं, लेकिन वेतन आयोग की प्रक्रिया लंबी होने के कारण सैलरी बढ़ने का रास्ता आसान नहीं है।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, नियमों के हिसाब से आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाता है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने, उस पर विचार और फिर कैबिनेट की मंजूरी में काफी समय लगता है। आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने लगते हैं। इसके बाद सिफारिशों को लागू करने में लगभग 6 महीने और लग जाते हैं। इस तरह पूरी प्रक्रिया में करीब दो साल का वक्त निकल जाता है।
सरकार ने वेतन आयोग के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में की थी, लेकिन आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन अक्टूबर 2025 में जारी हुआ। इस नोटिफिकेशन में आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस गणना के अनुसार रिपोर्ट जुलाई 2027 के आसपास आने की संभावना है।
राजनीतिक समीकरण भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि सरकार इतनी लंबी देरी नहीं करेगी और 2027 के मध्य तक सैलरी बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार कर्मचारियों की नाराजगी से बचने के लिए समय से पहले फैसला ले सकती है।
फिलहाल स्थिति यही है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी के लिए कम से कम 2027 के मध्य या 2028 की शुरुआत तक इंतजार करना पड़ सकता है।





