दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारियों की सरकार को चेतावनी: जल्द नियमित न किया तो होगा बड़ा आंदोलन

रायपुर। छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को पंडरी में हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और साफ कहा कि अगर जल्द उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा।
100 दिन में नियमितीकरण का वादा, डेढ़ साल बाद भी इंतजार
बैठक में कर्मचारियों ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मोदी की गारंटी में 100 दिन के भीतर समिति बनाकर कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद भी सरकार इस वादे को भूल गई। डेढ़ साल गुजरने के बाद भी न तो कोई समिति का फैसला आया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
प्रस्ताव वित्त विभाग में अटका
कर्मचारियों ने बताया कि वन विभाग ने नियमितीकरण के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, लेकिन अभी तक वित्त मंत्री की मंजूरी नहीं मिल पाई है। फाइल वहीं अटकी हुई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द मंजूरी नहीं दी गई तो रायपुर और रायगढ़ में वित्त मंत्री के घर का घेराव किया जाएगा।
पिछली हड़ताल के बाद भी नहीं मिला समाधान
कर्मचारी पहले भी 11 अगस्त 2024 से 27 सितंबर 2024 तक 48 दिन की अनिश्चितकालीन हड़ताल कर चुके हैं। उस समय मंत्री ने आकस्मिक्ता कार्यभारित सेवा नियम लागू करने और स्थायीकरण का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
दिल्ली तक जाने की तैयारी
कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार ने अब भी फैसला नहीं लिया तो पूरे छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रदर्शन होगा। जरूरत पड़ी तो दिल्ली के रामलीला मैदान में भी हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी।
बैठक में रायपुर जिला संगठन की नई कार्यकारिणी भी चुनी गई। अरविंद वर्मा को हटाकर अजय गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनाया गया। साथ ही अशोक विश्वकर्मा, सनत भतपहरी, कोमल साहू, खगेश साहू, नरोत्तम सिन्हा और अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि जल्द फैसला लेकर उनका अधिकार दिया जाए ताकि मोदी की गारंटी की साख बनी रहे। उन्होंने कहा कि देर से मिला न्याय भी अन्याय के बराबर है।





