प्रयागराज में हिंसा: चंद्रशेखर को रोके जाने पर भड़के भीम आर्मी कार्यकर्ता, NSA और गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई

प्रयागराज:उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना तहसील के इसौटा गांव जाने से पुलिस ने रोक दिया। इसके विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने कई वाहनों में तोड़फोड़ की, आगजनी की और पुलिस पर पथराव किया। इस मामले में प्रशासन अब उपद्रवियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

डीसीपी विवेक चंद्र यादव के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद के आगमन को लेकर इसौटा गांव में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे थे। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि सांसद को गांव आने से रोक दिया गया है, तो उन्होंने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने पुलिस की चार गाड़ियों, एक निजी बस और 10 अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया और कुछ ही देर में हालात सामान्य कर लिए गए। चंद्रशेखर आजाद को बाद में वाराणसी भेज दिया गया, जहां से वह फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो गए।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों की भूमिका हिंसा में सामने आएगी, उनके खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

गौरतलब है कि इसौटा गांव निवासी देवीशंकर की 13 अप्रैल को आग में झुलसने से मौत हो गई थी। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है। सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। इसी के विरोध में यह हिंसक घटना हुई।

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