अमेरिका की भारत पर टैरिफ धमकी: चीन पर क्यों चुप हैं ट्रंप?

वॉशिंगटन:रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत को दी गई धमकियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और विश्लेषकों ने सवाल खड़े किए हैं। ट्रंप ने कहा है कि भारत अगर रूस से तेल खरीदता रहा तो अमेरिका उसके ऊपर टैरिफ और बढ़ा देगा। फिलहाल भारत पर 25% टैरिफ लगाया गया है, लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन भी उतनी ही मात्रा में रूस से तेल खरीद रहा है, लेकिन ट्रंप चीन के खिलाफ कोई सख्त बयान नहीं दे रहे हैं। विदेश मामलों के जानकार रोबिंदर सचदेव ने एएनआई से बातचीत में कहा कि ट्रंप का ध्यान केवल भारत पर केंद्रित क्यों है, जबकि चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है।

सचदेव ने आशंका जताई कि ट्रंप भारत के खिलाफ प्रतिबंधों की तैयारी में हैं और यह 25% से बढ़कर 50% या उससे अधिक भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की यह नीति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है — जापान, स्विट्जरलैंड और यूरोपीय देशों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अजय श्रीवास्तव ने बताया कि 2024 में चीन ने 62.6 अरब डॉलर का और भारत ने 52.7 अरब डॉलर का रूसी तेल आयात किया। इसके बावजूद ट्रंप चीन पर सीधा हमला करने से बच रहे हैं।

ट्रंप ने सोमवार को भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत रूस से सस्ते में तेल खरीदता है और अमेरिका में उसे मुनाफे पर बेचता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को रूस की यूक्रेन में युद्ध गतिविधियों की कोई परवाह नहीं है, इसलिए वह टैरिफ बढ़ाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को इस मुद्दे पर रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से सधे हुए कदम उठाने होंगे, क्योंकि इस तरह के आर्थिक दबाव से निर्यात पर 20-30 बिलियन डॉलर तक का असर पड़ सकता है।

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