उत्तर प्रदेश में केदारनाथ मंदिर की हूबहू प्रतिकृति पर बवाल, तीर्थ पुरोहितों ने जताया विरोध

रुद्रप्रयाग। उत्तर प्रदेश के इटावा में ‘केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह मंदिर उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की हूबहू प्रतिकृति है, जिसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बनवाया जा रहा है। मंदिर का वीडियो श्रावण के पहले सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें यह केदारनाथ जैसा दिख रहा है।
इस पर बदरीनाथ-केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। तीर्थ पुरोहितों ने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और मंदिरों की अस्मिता पर चोट बताया है। उन्होंने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर समिति का विरोध
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है। वहीं, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने इसे आस्था का अपमान बताया। तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण नहीं रुका तो उत्तर प्रदेश में धरना देंगे।
मंदिर निर्माण का इतिहास और विवाद
केदारेश्वर मंदिर की आधारशिला वर्ष 2021 में रखी गई थी और निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसकी ऊंचाई 72 फीट है, जो केदारनाथ से एक इंच कम है। निर्माण में आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
पहले भी हो चुका विवाद
पूर्व में दिल्ली में भी केदारनाथ की तर्ज पर मंदिर बनने पर विवाद हुआ था, जिसे उत्तराखंड सरकार ने रोका था। जुलाई 2024 में राज्य सरकार ने चारधाम के नाम व स्वरूप के अनुकरण पर रोक लगाने संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया था।





