राणा सांगा विवाद पर संसद में हंगामा, खरगे बोले- सांसद की सुरक्षा अहम, रिजिजू ने कहा- जाति-धर्म का विषय नहीं

राणा सांगा पर दिए गए बयान को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। सड़क से लेकर संसद तक इस पर हंगामा जारी है। राज्यसभा में भी शुक्रवार को इस मुद्दे पर जबरदस्त बहस हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर इतिहास न समझने का आरोप लगाया, जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कहा कि यह मुद्दा जाति-धर्म से जुड़ा नहीं है। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राणा सांगा को देश का हीरो बताया।

राणा सांगा पर बयान से भड़का विवाद

दरअसल, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का न्योता दिया था, जिससे देश को नुकसान हुआ। इस बयान के बाद बीजेपी और कई अन्य दलों ने नाराजगी जाहिर की। देशभर में इसको लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, और राज्यसभा में भी इस पर तीखी बहस हुई।

खरगे बोले- सांसद की सुरक्षा जरूरी, तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बीजेपी को इतिहास की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “हम राणा सांगा का सम्मान करते हैं, लेकिन सांसद की सुरक्षा भी एक बड़ा मसला है। अगर कोई सांसद कुछ कहता है, तो उसके घर पर हमला करना, तोड़फोड़ करना सही नहीं है। क्या आप किसी का घर जला सकते हैं? संविधान इसकी इजाजत नहीं देता।”

खरगे ने आगे कहा कि किसी के बयान से असहमति हो सकती है, लेकिन हिंसा और बुलडोजर की राजनीति सही नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

रिजिजू का जवाब- हिंसा गलत, लेकिन जाति-धर्म का मामला नहीं

खरगे के बयान पर जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हिंसा का समर्थन नहीं करती, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को जाति और धर्म से जोड़कर देख रहा है, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा, “राणा सांगा का इतिहास से जुड़ा मुद्दा है, इसे किसी जाति विशेष से जोड़ना गलत है। कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही हर मामले को देखा जाना चाहिए।”

प्रमोद तिवारी ने बताया ‘देश का हीरो’

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राणा सांगा देश के लिए लड़े और वे हमारे इतिहास के गौरव हैं। उन्होंने कहा, “हम राणा सांगा का सम्मान करते हैं। वे देश के लिए एक महान योद्धा थे और हमें उनके योगदान को नहीं भूलना चाहिए।”

बीजेपी सांसद राधा मोहन अग्रवाल ने कहा कि रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा का अपमान किया है और यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा, “अगर वे अपने बयान पर खेद जताते, तो बात अलग थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।”

हंगामे के बाद भी विवाद जारी

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सांसद की सुरक्षा भी जरूरी है और इतिहास पर अनावश्यक टिप्पणी करना सही नहीं है। हालांकि, इस बयान के बाद भी संसद में हंगामा नहीं रुका।

देशभर में इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है और अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

 

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