8वें वेतन आयोग से 2.5 करोड़ कर्मचारियों की सैलरी में 25% तक बढ़ोतरी, सरकार पर 3.9 लाख करोड़ का बोझ

8वें वेतन आयोग को लागू करने की तैयारियों के बीच देश के करीब 2.5 करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। अनुमान है कि जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो सकता है, जिससे बेसिक सैलरी और पेंशन में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। इसमें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी, 65 लाख पेंशनर और करीब 1.85 करोड़ राज्य कर्मचारी लाभार्थी होंगे। बढ़ी हुई आय से लोगों की खरीद क्षमता भी मजबूत होगी।
हालांकि, इतना बड़ा वेतन ढांचा लागू होने से सरकारों पर भारी वित्तीय दबाव भी पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक केंद्र सरकार के बजट पर हर साल लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। राज्यों के सामने स्थिति और चुनौतीपूर्ण होगी, क्योंकि कर्मचारियों की संख्या ज्यादा होने के कारण उन्हें 2.3 से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। कुल मिलाकर केंद्र और राज्यों पर करीब 3.7 से 3.9 लाख करोड़ रुपये का बोझ बढ़ने का अनुमान है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस बढ़े हुए खर्च का सीधा असर वित्तीय घाटे पर पड़ेगा। केंद्र का वित्तीय घाटा जो अभी जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है, उसके 5 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, कई राज्यों का वित्तीय घाटा सुरक्षित सीमा से ऊपर जा सकता है, जिससे विकास कार्यों के लिए उपलब्ध बजट प्रभावित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी के बाद सरकारों के पास ‘वित्तीय स्पेस’ कम हो जाएगा और टैक्स बढ़ाने या कर्ज लेने जैसे कठिन कदम उठाने पड़ सकते हैं।





