ट्रंप की आखिरी कोशिश: गाजा युद्ध विराम से नोबेल शांति पुरस्कार की ओर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। ट्रंप की रणनीति गाजा युद्ध को रोककर दुनिया के सामने खुद को शांति दूत के रूप में पेश करने की है। नॉर्वे की संस्था 10 अक्टूबर को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा करने वाली है। ऐसे में ट्रंप की कोशिश है कि 1 अक्टूबर तक गाजा में युद्धविराम लागू हो जाए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि अगर ट्रंप गाजा युद्ध रुकवाने में सफल रहते हैं तो उनके नोबेल शांति पुरस्कार पाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। इसी दिशा में ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक की योजना बनाई है। अगर इजराइल सहमत होता है, तो प्रस्ताव हमास के पास भेजा जाएगा।

गाजा संघर्ष अक्टूबर 2023 से अब तक 65 हजार से अधिक लोगों की जान ले चुका है। यूरोप और अरब देशों का मानना है कि इसके लिए इजराइल जिम्मेदार है, जिसे अमेरिका का सीधा समर्थन मिला हुआ है। इसी बीच ट्रंप ने इस मुद्दे पर गंभीरता से पहल शुरू की है।

नोबेल शांति पुरस्कार का नियम है कि यह उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने, हथियारों की होड़ को रोकने या शांति सम्मेलनों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया हो। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने राष्ट्रपति बनने के शुरुआती सात महीनों में सात बड़े संघर्ष रुकवाए थे। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध पर उनकी कोशिशें अब तक सफल नहीं हुईं।

कंबोडिया और पाकिस्तान जैसे देशों ने भी ट्रंप के नामांकन का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र की एक सभा में ट्रंप ने कहा था कि वे वही काम कर रहे हैं, जो असल में संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए। अब देखना यह है कि उनकी यह कोशिश गाजा युद्ध को रोक पाती है या नहीं और क्या यह उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार दिला पाएगी।

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