चीन पर ट्रंप का बड़ा प्रहार, 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ से महंगे होंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर एक बार फिर आर्थिक प्रहार करते हुए 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी। ट्रंप ने साथ ही चीन से आने वाले सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट पर भी सख्त नियंत्रण की बात कही है। उनका कहना है कि यह कदम चीन की व्यापारिक नीतियों के खिलाफ एक “सख्त जवाब” है।
ट्रंप के इस फैसले से न सिर्फ चीन बल्कि अमेरिकी बाजार पर भी असर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस टैरिफ के चलते स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी जैसे उत्पादों की कीमतों में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। यह वृद्धि आपूर्ति श्रृंखला और विनिर्माण केंद्रों पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम चीन पर दबाव बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। जनवरी 2025 में अमेरिका ने पहले ही उन्नत कंप्यूटिंग सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स पर एक्सपोर्ट कंट्रोल के नियम कड़े किए थे। अब ट्रंप ने इसे और सख्त कर दिया है।
इसके पहले अप्रैल 2025 में अमेरिका ने कुछ स्मार्टफोन और चिप्स पर लागू पुराने टैरिफ में अस्थायी राहत दी थी। लेकिन अब इस नए आदेश के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर से जुड़े उत्पादों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इससे पहले से मौजूद 25 से 50 प्रतिशत की दर में भी वृद्धि होगी, जिससे कुछ वस्तुओं पर कुल टैरिफ दर 125 से 245 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी चुनावी माहौल में घरेलू उद्योग को मजबूत दिखाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, इससे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और आपूर्ति की स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।





