ट्रंप के फैसले से शेयर बाजार में भूचाल, 6 दिन में डूबे 16 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार पिछले हफ्ते लगातार दबाव में रहा और निवेशकों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए। शुक्रवार को सेंसेक्स 733 अंक टूटकर 80,426 पर और निफ्टी50 236 अंक गिरकर 24,655 पर बंद हुआ। हफ्ते भर में सेंसेक्स 2,199 अंक और निफ्टी50 672 अंक टूटे। यह गिरावट पिछले छह महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट रही।

इस भारी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का H-1B वीज़ा फीस को सालाना 1 लाख डॉलर (करीब ₹83 लाख) तक बढ़ाने का फैसला रहा। इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा, जिनका आईटी इंडेक्स 8% तक गिर गया। टेक महिंद्रा को सबसे ज्यादा 9.4% का नुकसान हुआ, जबकि टीसीएस 8.5% और इन्फोसिस करीब 6% टूटा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका की नई आयात शुल्क नीतियों ने भी बाजार को और नीचे खींचा। अमेरिका ने दवाइयों पर 100%, किचन कैबिनेट्स पर 50%, फर्नीचर पर 30% और हैवी ट्रक्स पर 25% इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान किया, जिससे निवेशकों की चिंता और गहरी हो गई।

पिछले हफ्ते NSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग ₹16 लाख करोड़ घट गया। निफ्टी50 की 43 कंपनियां नुकसान में रहीं, जबकि मारुति, एक्सिस बैंक, एलएंडटी और आईशर मोटर्स जैसे कुछ शेयरों ने मामूली फायदा दिखाया।

सेक्टरवार देखें तो आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा 8% की गिरावट आई, उसके बाद रियल्टी 6.1%, फार्मा 5.2%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 4.6% और मीडिया 2.7% टूटा। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज हुई।

हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि अब भारतीय बाजार आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच चुका है। महंगाई घट रही है और नीतिगत सहारा मिल रहा है। ऐसे में आने वाले समय में कमाई में सुधार की संभावना है और विदेशी निवेशक वापसी कर सकते हैं।

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