खराब टेलीप्रॉम्पटर और यूएन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने जताई नाराजगी

संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान यूएन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। ट्रंप ने भाषण की शुरुआत में खराब टेलीप्रॉम्पटर को लेकर मज़ाक उड़ाया और कहा कि जिस तरह टेलीप्रॉम्पटर काम नहीं कर रहा, उसी तरह यूएन भी अपने काम में असफल है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापित करना यूएन का काम था, लेकिन अब यह जिम्मेदारी उन्हें खुद निभानी पड़ रही है।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सात महीने में सात युद्ध रोकने में योगदान दिया है और लाखों लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि यह काम यूएन का होना चाहिए था, लेकिन जिस तरह टेलीप्रॉम्पटर खराब है, वैसे ही यूएन की कार्यप्रणाली भी खराब है। उन्होंने यह भी कहा कि यूएन केवल पत्र भेजता है, जिससे युद्ध नहीं रुकते।
अपने भाषण में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के लोगों को मार रहा है, लेकिन यूरोपीय देश रूस से तेल खरीदने में लगे हैं। उन्होंने यूएन पर वित्तीय असफलता का आरोप भी लगाया और कहा कि अमेरिकी फंडिंग में कटौती और चीन से समय पर फंड न मिलने की वजह से यूएन की आर्थिक स्थिति कमजोर है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उन्होंने नोबेल पुरस्कार की चाह नहीं की, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगी बचाना उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जब लोग युद्ध से लौटकर अपनों के पास जाते हैं, तो उनकी खुशी किसी भी पुरस्कार से बड़ी है।
यूएन डिबेट के पहले दिन ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा का भाषण हुआ। इसके बाद ट्रंप जब भाषण देने आए तो उन्हें टेलीप्रॉम्पटर खराब होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि यह समस्या उनके भाषण पर असर नहीं डालेगी और वे दिल से बोलेंगे।
ट्रंप ने हास्य में यह भी कहा कि जब वे यूएन आए थे, तो स्वचालित सीढ़ियां भी खराब थीं, जिससे उनकी पत्नी मेलेनिया को खतरा था। उन्होंने इस दौरान स्पष्ट किया कि उनका फोकस केवल वैश्विक शांति और युद्ध रोकने के प्रयासों पर है।
ट्रंप की इस टिप्पणी ने यूएन की कार्यप्रणाली और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुनौतियों पर बहस को फिर से ताजा कर दिया।





