गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर महंगा, अलग-अलग वाहनों के लिए तय हुई नई टोल दरें

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही मेरठ से प्रयागराज तक का सफर जहां तेज और सुविधाजनक हुआ है, वहीं यात्रियों की जेब पर इसका असर भी बढ़ गया है। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर अब वाहन चालकों को तय दूरी के अनुसार टोल टैक्स चुकाना होगा, जिसकी दरें वाहन के प्रकार के हिसाब से निर्धारित की गई हैं।
वाहनों के अनुसार टोल दरें तय
नई दरों के अनुसार कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों को एक तरफ का सफर तय करने के लिए 1800 रुपये टोल देना होगा। बस और ट्रक के लिए यह शुल्क 5720 रुपये रखा गया है। वहीं मल्टी एक्सल और भारी वाहनों के लिए टोल 8760 रुपये तक तय किया गया है, जबकि सात या उससे अधिक एक्सल वाले बड़े वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए 11265 रुपये तक चुकाने होंगे।
समय की बचत, लेकिन बढ़ा खर्च
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय काफी कम हो गया है। पहले जहां यह सफर 10 से 12 घंटे में पूरा होता था, अब इसे 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज रफ्तार के बावजूद बढ़ी हुई टोल दरें आम लोगों और नियमित यात्रियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती हैं।
फास्टैग से होगी टोल वसूली
इस एक्सप्रेसवे पर टोल की वसूली पूरी तरह फास्टैग सिस्टम के जरिए की जाएगी। मार्ग पर कई टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जहां से गुजरते समय टोल अपने आप कट जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले अपने फास्टैग बैलेंस की जांच कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।





