प्री-बोर्ड से पहले शिक्षकों की ट्रेनिंग, छात्रों की पढ़ाई पर उठे सवाल

बिलासपुर: दसवीं और बारहवीं की प्री-बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण में भेजे जाने को लेकर शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस समय छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं, उसी समय शिक्षकों को स्कूलों से दूर रखा जा रहा है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार पेण्ड्रा में 12 जनवरी से 16 जनवरी तक शिक्षकों की पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण आयोजित की जा रही है। यह प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय है, यानी शिक्षक पूरे पांच दिन अपने स्कूल और मुख्यालय से बाहर रहेंगे। इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों की कक्षाओं और छात्रों की तैयारी पर पड़ेगा।

जनवरी का महीना आमतौर पर सिलेबस पूरा करने और रिवीजन का होता है, लेकिन लगातार हो रही ट्रेनिंग के कारण कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग पा रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे समय में प्रशिक्षण कराने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के सभी विकासखंडों से शिक्षकों को इस प्रशिक्षण में बुलाया गया है। हर विकासखंड से 7 शिक्षक—4 पुरुष और 3 महिला—का शामिल होना अनिवार्य किया गया है।

शिक्षक संगठनों और अभिभावकों का आरोप है कि मार्च में समाप्त होने वाले प्रशिक्षण बजट को खर्च करने के लिए साल की शुरुआत में लगातार ट्रेनिंग रखी जा रही है, जबकि छात्रों की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि प्री-बोर्ड परीक्षा के ठीक पहले पढ़ाई बाधित होने की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

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