Traffic Awareness Campaign: हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति एनसीसी कैडेट्स ने चलाया जागरूकता अभियान
यातायात पुलिस की पहल को मिला जन-समर्थन

बिलासपुर में सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे (Traffic Awareness Campaign) जागरूकता अभियान ने अब एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत मंगलवार को सत्यम चौक स्थित यातायात थाना परिसर में विशेष लर्निंग लाइसेंस और वाहन बीमा शिविर लगाया गया। शिविर में शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने न केवल अपने दस्तावेज़ दुरुस्त कराए, बल्कि सुरक्षित सफर का संकल्प भी लिया….
लाइसेंस और बीमा शिविर में उमड़ी भीड़
शिविर में उमड़ी भीड़ और दस्तावेजीकरण पर जोर देखने को मिला आपको बता दे कि सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी से 31 जनवरी तक आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बिना भाग-दौड़ के कानूनी प्रक्रियाओं से जोड़ना था। यातायात पुलिस की इस पहल के चलते बड़ी संख्या में युवाओं और आम जन ने अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाया और वाहनों का बीमा कराया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि वाहन के वैध दस्तावेज होना न केवल कानूनी रूप से अनिवार्य है, बल्कि किसी भी अनहोनी की स्थिति में यह परिवार के लिए बड़ा सुरक्षा कवच साबित होते हैं……
वाहन चालकों को जागरूक किया, (Traffic Awareness Campaign)
एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स ने संभाला मोर्चा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जहाँ यातायात पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डीपी विप्र महाविद्यालय के एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने यातायात प्रबंधन की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट आशीष शर्मा के नेतृत्व में कैडेट्स ने ‘फ्री लेफ्ट टर्न’ सिस्टम को सुचारू बनाने और रेड लाइट जंप न करने के प्रति वाहन चालकों को जागरूक किया। इन युवाओं ने पोस्टर और नारों के माध्यम से राहगीरों को सड़क संकेतों के पालन का महत्व समझाया…..
सुरक्षा नियमों के पालन की अपील और नागरिक सहभागिता इस पूरे अभियान का केंद्र बिंदु ‘हेलमेट और सीट बेल्ट’ रहा। यातायात पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय गुणवत्तापूर्ण हेलमेट पहनें और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। विभाग का मानना है कि केवल चालान काटकर दुर्घटनाएं नहीं रोकी जा सकतीं, इसके लिए जन-भागीदारी आवश्यक है…..





