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कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ आज, पढ़े 84 दिनों के अदम्य साहस की पूरी कहानी

दिल्ली। 26 जुलाई 1999 यही वो दिन है जब भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि देश की सीमाओं पर आंख उठाने की सजा क्या होती है। आज इस ऐतिहासिक विजय को 26 साल हो गए हैं।

कारगिल युद्ध 3 मई 1999 से शुरू हुआ था और 84 दिन बाद भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ। इस युद्ध में 527 भारतीय जवान शहीद हुए और करीब 1300 घायल हुए। कारगिल, द्रास, बटालिक जैसे इलाकों में सर्दियों में फौजें खाली चौकियां छोड़ देती थीं। इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ की और ऊंचाई पर स्थित चौकियों पर कब्जा कर लिया।

पढ़े पूरी जानकारी किस दिन क्या हुआ

  • 3 मई 1999 को जब कुछ स्थानीय चरवाहों ने भारतीय सेना को घुसपैठ की जानकारी दी, तब पहली बार इस गंभीर खतरे का पता चला।
  • 5 मई को पेट्रोलिंग पर निकली भारतीय सेना की टुकड़ी पर हमला हुआ, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए और उनके शवों के साथ बर्बरता की गई। पाकिस्तान का मकसद लेह-श्रीनगर हाईवे पर कब्जा कर भारत को रणनीतिक रूप से कमजोर करना था।
  • 9 मई को पाकिस्तानी सेना ने भारत के गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया।
  • 10 मई को द्रास, काकसर और बटालिक सेक्टरों में घुसपैठियों की मौजूदगी पाई गई। तब तक करीब 600 से 800 घुसपैठिये भारतीय पोस्टों पर कब्जा जमा चुके थे।
  • 15 मई के बाद भारत ने अलग-अलग सैन्य इकाइयों को इस युद्ध में झोंक दिया।

  • 26 मई को भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ शुरू किया और घुसपैठियों के ठिकानों पर बमबारी की।

  • 27 मई को पाकिस्तान ने दो भारतीय लड़ाकू विमान गिरा दिए, जिनमें एक पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता को बंदी बना लिया गया और स्क्वॉड्रन लीडर अजय अहूजा शहीद हो गए।

  • 31 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं।

  • 4 जुलाई को भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर कब्जा कर लिया, जो युद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक बना।

  • 5 जुलाई को द्रास सेक्टर और 7 जुलाई को जुबर पहाड़ी पर भी सेना का कब्जा हुआ। इसी दिन कैप्टन विक्रम बत्रा शहीद हुए, जिनका नारा “ये दिल मांगे मोर” आज भी भारतीय सेना की वीरता का प्रतीक है।

  • 11 जुलाई तक बाटलिक सेक्टर की लगभग सभी पहाड़ियां भारत के कब्जे में आ चुकी थीं।

    12 जुलाई को हार की कगार पर पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत से बातचीत की अपील की।

  • 14 जुलाई तक भारतीय सेना ने सभी कब्जाई गई चौकियों को फिर से अपने अधीन कर लिया और अंततः 26 जुलाई 1999 को भारत ने आधिकारिक रूप से कारगिल युद्ध में जीत की घोषणा कर दी। 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया यह युद्ध भारतीय सेना के पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन गया।

शहीदों की याद में मनाया जाता है कारगिल दिवस

हर साल 26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है ताकि उन वीर जवानों को याद किया जा सके, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने सैनिकों के बलिदान को कभी न भूलें और हमेशा देश की अखंडता और सम्मान की रक्षा करें।

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