Three Day Trek: एकता के संकल्प संग यूनिटी मार्च- सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर तीन दिवसीय पदयात्रा
Three Day Trek: 150 कार्यकर्ताओं का दल तीन दिनों तक करेगा पदयात्रा

देश की एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर पूरे देश में “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया जा रहा है। (Three Day Trek) इसी कड़ी में बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में 11 से 13 नवंबर तक तीन दिवसीय पदयात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा।
बिल्हा से मुंगेली तक चलेगी एकता की यात्रा
सरदार पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, कूटनीतिक कौशल और अदम्य साहस से देश को एक सूत्र में पिरोया था। (Three Day Trek) यूनिटी मार्च उनकी इसी विरासत को नमन करने और नए भारत के निर्माण का संकल्प दोहराने का एक राष्ट्रव्यापी जन अभियान है। यह यात्रा सरदार पटेल के एक भारत के स्वप्न को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के मिशन से जोड़ती है।
तोखन साहू बोले-यह यात्रा राष्ट्र को समर्पित एकता का प्रतीक है
बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में होने वाली इस यात्रा में 150 कार्यकर्ताओं का दल लगातार तीन दिनों तक शामिल रहेगा। पदयात्रा के दौरान स्वदेशी भारत-आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, स्वच्छता दीदीयों का सम्मान, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, युवा प्रतिभाओं और स्थानीय कलाकारों का सम्मान जैसी अनेक गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके साथ ही एक पेड़ मेरे नाम अभियान और स्वच्छता के लिए श्रमदान जैसे कार्यक्रम भी होंगे।11 नवंबर को यात्रा का शुभारंभ बिल्हा विधानसभा के माँ काली मंदिर प्रांगण, विप्जना से होगा।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर, Three Day Trek
यात्रा राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, देवकीनंदन चौक और शनिधरी होते हुए बिलासा चौक तक पहुँचेगी। प्रथम दिवस का समापन शबरी माता नवीन कन्या महाविद्यालय, बिलासपुर में सभा के बाद किया जाएगा।12 नवंबर को माँ महामाया के दर्शन के बाद यात्रा कोटा नगर से तखतपुर और मस्तूरी विधानसभा क्षेत्रों से होती हुई आगे बढ़ेगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोरमी में होगा।
एकता के संकल्प संग यूनिटी मार्च,Three Day Trek
अभियान के अंतिम दिन 13 नवंबर को लोरमी से प्रस्थान कर यात्रा मुंगेली पहुँचेगी, जहाँ फव्वारा चौक, गुरुद्वारा चौक, नहर रोड और महाराणा प्रताप चौक तक भव्य समापन सभा आयोजित की जाएगी, यह यूनिटी मार्च सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की पुकार है।सरदार पटेल के सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम।





