Memorandum: मुस्लिम परिवारों पर हमले का आरोप, गरियाबंद के दुतकईया गांव में तनाव
सर्व समाज ने सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। (Memorandum) राजिम थाना क्षेत्र के दुतकईया गांव में अल्पसंख्यक मुस्लिम परिवारों पर कथित साम्प्रदायिक हमले का आरोप लगाया गया है।आरोप है कि असामाजिक और साम्प्रदायिक तत्वों ने गांव में मुस्लिम परिवारों के घरों और वाहनों में आगजनी की, साथ ही चाकू से हमला भी किया गया। इस मामले को लेकर आज सर्व समाज के लोगों ने कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दुतकईया गांव में साम्प्रदायिक हिंसा का आरोप
बताया जा रहा है कि यह घटना 02 फरवरी 2026 की है।घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया, जिसके चलते कई मुस्लिम परिवार जान-माल की सुरक्षा के डर से गांव छोड़कर अन्यत्र चले गए।पीड़ितों का आरोप है कि समय रहते उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, जिससे हालात और बिगड़ गए।वहीं मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि ये आरोप राजनीतिक हैं और प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
साम्प्रदायिक सौहार्द को झटका,कई परिवारों ने छोड़ा गांव, (Memorandum)
जानकारी के अनुसार, घटना से पहले गांव में एक व्यक्तिगत विवाद हुआ था, जिसमें एक मुस्लिम और एक गैर-मुस्लिम व्यक्ति शामिल थे।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस विवाद में कोई भी दोषी था, तो उस पर कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए थी, चाहे वह किसी भी समुदाय से जुड़ा हो।लेकिन आरोप है कि इस व्यक्तिगत विवाद को साम्प्रदायिक रंग देकर हिंदू-मुस्लिम नफरत फैलाने की कोशिश की गई।घटना के बाद क्षेत्र में साम्प्रदायिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
अब पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा, राहत और न्याय दिया जाए।साथ ही गांव में शांति बहाल करने के लिए शांति समिति के गठन की भी मांग उठ रही है। फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं और सभी की निगाहें अब सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





