एसआईआर को लेकर संसद में हंगामा, छत्तीसगढ़ में भी सियासत गरमाई

दिल्ली। इन दिनों देशभर में बिहार में कराए गए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की जोरदार चर्चा हो रही है। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। संसद के मानसून सत्र का बड़ा हिस्सा इसी मुद्दे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के नाम पर वोटबंदी की जा रही है और करोड़ों मतदाताओं के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग और सरकार का कहना है कि वे मृत, प्रवासी और अवैध मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा रहे हैं।
इस बीच, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में 65 लाख वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और अब यही तैयारी छत्तीसगढ़ में भी हो रही है। उन्होंने कहा कि 2028 के चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में वोटर हटाए जा सकते हैं, जिससे लोकतंत्र को खतरा है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और भाजपा के मंसूबों को नाकाम करने की अपील की।
पूर्व मंत्री भगत के आरोपों पर वर्तमान कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने तीखा पलटवार किया है। नेताम ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मृत लोगों और विदेशों में रह रहे लोगों से वोट डलवाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब 2028 में हार नजर आ रही है, इसलिए वह पहले से ही बहाना ढूंढ़ रही है।





